खाद्य अपव्यय: भारत के खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रयासों में बाधक
मोनिका मिश्रा
21वीं सदी तक व्यापक तकनीकी एवं आर्थिक प्रगति के बावजूद वर्तमान में भी भारत की एक बड़ी जनसंख्या को मूलभूत आवश्यकताओं अर्थात रोटी, कपड़ा तथा मकान उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इन आवश्यकताओं में भी रोटी अर्थात खाद्य अनुपलब्धता की समस्या की गंभीरता का अनुमान संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की रिपोर्ट के आधार पर लगाया जा सकता है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन के बावजूद भारत में लगभग 190 मिलियन लोग अल्पपोषण की समस्या के शिकार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश में उत्पादित खाद्यान्न पदार्थों का लगभग 40% ....
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