क्या इंदिरा साहनी वाद पर पुनर्विचार की आवश्यकता है?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 मार्च, 2021 को इस मामले की सुनवाई शुरू की गई कि क्या 50% की आरक्षण सीमा निर्धारित करने वाले वर्ष 1992 के इंदिरा साहनी वाद के फैसले पर एक बड़ी बेंच द्वारा पुनर्विचार की आवश्यकता है।
- न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली 5 न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ ने सभी राज्यों को इस मामले पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया।
पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च, 2021 को महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की वैधता पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया था कि वह इंद्रा साहनी मामले (1992) ....
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