खतरे में धरती नहीं, हम हैं
स्वास्तिका सिंह
मनुष्य ने अपनी गतिविधियों द्वारा धरती के पारिस्थितिक तंत्र को पूरी तरह बदल दिया है। वैज्ञानिकों ने इस बदलाव को एक नया भू-वैज्ञानिक युग अर्थात एंथ्रोपोसीन (Anthropocene) का नाम दिया है। आज धरती के सभी पक्षियों में पालतू पक्षियों की भागीदारी 70% है जबकि केवल 30% पक्षी ऐसे हैं जो पालतू नहीं हैं अर्थात जंगली हैं।
एक अध्ययन के अनुसार, विश्व के 7.6 बिलियन मानव, धरती पर जीवित सभी प्राणियों के केवल 0.01% भाग का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। हम मनुष्यों ने सभ्यता की शुरुआत से अब तक सभी जंगली स्तनधारियों और ....
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