वैश्विक शरणार्थी संकटः समस्या एवं समाधान
डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता
"बहुत मजबूर होकर लोग निकलते हैं अपने घर से,
खुशी से कौन अपने मुल्क से बाहर रहा है।"
उपरोक्त पंक्तियां शरणार्थियों के संबंध में इस रूप में बिल्कुल सटीक बैठती हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने मूल स्थान को छोड़कर नई जगह पर अपनी स्वेच्छा से नहीं जाना चाहता, बल्कि परिस्थितियां उसे इसके लिये विवश करती हैं। वर्तमान का शरणार्थी संकट जो शायद द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे विकराल संकट है, के कारण आज लगभग 7 करोड़ से ज्यादा लोग विस्थापितों अथवा शरणार्थियों का जीवन जीने को विवश हैं।
संयुक्त ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लोकतंत्र की उत्तरजीविता एक सूचित और निष्पक्ष नागरिक समाज पर निर्भर करती है।
- 2 आत्म-जागरूकता के बिना, ज्ञान केवल एक उपकरण है; इसके साथ, यह ज्ञानोदय है।
- 3 केवल इसलिए कि आपके पास विकल्प है इसका अर्थ यह कदापि नही की उनमे से कोई एक ठीक होगा ही - डॉ. श्याम सुंदर पाठक
- 4 जीवन, स्वयं को अर्थपूर्ण बनाने का अवसर है
- 5 क्या हम सभ्यता के पतन की राह पर हैं?
- 6 क्या अधिक मूल्यवान है, बुद्धिमत्ता या चेतना?
- 7 कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण भारत का रूपांतरण
- 8 सार्वजनिक नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी की आवश्यकता
- 9 विकास जैसी गतिशील प्रक्रिया में मानवाधिकार, मूल्यवान मार्गदर्शक हैं
- 10 ओटीटी प्लेटफार्मः विनियमन बनाम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
निबन्ध
- 1 सौभाग्य उन्हीं को प्राप्त होता है, जो अपने कर्त्तव्य पथ पर अविचल रहते हैं
- 2 खतरे में धरती नहीं, हम हैं
- 3 अक्षय ऊर्जा, भविष्य की आवश्यकता है
- 4 मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी
- 5 स्त्री-पुरुष संबंधः परिवर्तनशील नैतिक मानदंड
- 6 ग्रामीण रूपान्तरण की चुनौतियाँ व अवसर
- 7 जागरूक मतदाताः लोकतन्त्र का मजबूत स्तंभ
- 8 प्रौद्योगिकी ने जितने रोजगार कम किए हैं, उससे कहीं अधिक बढ़ाए हैं

