प्रौद्योगिकी ने जितने रोजगार कम किए हैं, उससे कहीं अधिक बढ़ाए हैं
आर्थिक विकास, मानव पूंजी के संचय तथा आधारभूत अवसंरचनाओं की मूलभूत आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। 1930 में जॉन मेनार्ड कीन्स ने कहा था कि प्रौद्योगिकी का कुशल उपयोग मनुष्य को 100 वर्षों के भीतर आराम तथा विलासिता के युग में ले जाएगा। कीन्स का मानना था कि भविष्य में यदि मनुष्य को संतुष्ट रहना है तो सभी को कुछ काम करना होगा और दिन के तीन घंटे पर्याप्त होंगे। वर्तमान में दुनिया इस तरह की वास्तविकता से बहुत दूर है।
औद्योगिक फर्म, उत्पादन के लिए नई प्रौद्योगिकी अपनाते हैं, जिससे बाजार का विस्तार होता है ....
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