ग्रामीण रूपान्तरण की चुनौतियाँ व अवसर
भारत में ग्रामीण विकास की प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को शामिल करने की वजह से यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है। भारत की कुल जनसंख्या का 72.2 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र में निवास करता है जिसके रूपान्तरण के लिए ग्रामीण जीवन के लगभग सभी पहलुओं जैसे कृषि, बुनियादी ढांचा, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। हालांकि, पिछले पांच दशकों में ग्रामीण विकास की कई गतिविधियों और कार्यक्रम के शुरू करने से ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति में परिवर्तन देखा गया है। हालांकि ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वंचित वर्ग ....
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संबंधित सामग्री
- 1 विशेषाधिकार नहीं, स्वास्थ्य अधिकार है
- 2 सहानुभूति के बिना तर्क एक कुंद तलवार के समान है
- 3 महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सामाजिक समानता की गारंटी नहीं देता।
- 4 स्वतंत्रता तब तक निरर्थक है जब तक उसमें गलतियाँ करने की स्वतंत्रता शामिल न हो।
- 5 हमारी शिक्षा प्रणाली रटने को पुरस्कृत करती है, जबकि भविष्य को नवाचार की आवश्यकता है।
- 6 चरित्र का निर्माण संकट में नहीं होता, वह केवल उसमें प्रदर्शित होता है।
- 7 डिजिटल युग में निजता: एक मौलिक अधिकार या एक बिकने वाली वस्तु?
- 8 न्यायपूर्ण समाज वह है जहाँ विशेषाधिकार कर्तव्य द्वारा संतुलित होता है
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- 10 आत्म-जागरूकता के बिना, ज्ञान केवल एक उपकरण है; इसके साथ, यह ज्ञानोदय है।
निबन्ध
- 1 वैश्विक शरणार्थी संकटः समस्या एवं समाधान
- 2 सौभाग्य उन्हीं को प्राप्त होता है, जो अपने कर्त्तव्य पथ पर अविचल रहते हैं
- 3 खतरे में धरती नहीं, हम हैं
- 4 अक्षय ऊर्जा, भविष्य की आवश्यकता है
- 5 मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी
- 6 स्त्री-पुरुष संबंधः परिवर्तनशील नैतिक मानदंड
- 7 जागरूक मतदाताः लोकतन्त्र का मजबूत स्तंभ
- 8 प्रौद्योगिकी ने जितने रोजगार कम किए हैं, उससे कहीं अधिक बढ़ाए हैं

