धारणीय वित्त के एक मोड के रूप में ब्लू बॉन्ड
हाल ही में, बाजार नियामक 'भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड- सेबी (Securities and Exchange Board of India- SEBI) ने ‘धारणीय वित्त’ (Sustainable Finance) के एक मोड के रूप में ब्लू बॉन्ड (Blue Bonds) की अवधारणा का प्रस्ताव रखा।
- सेबी ने कहा है कि ऐसी प्रतिभूतियों का उपयोग ब्लू इकोनॉमी से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जिसमें समुद्री संसाधन खनन और टिकाऊ मछली पकड़ना आदि शामिल है|
महत्वपूर्ण बिंदु
सेबी ने हरित ऋण प्रतिभूतियों की परिभाषा और प्रकटीकरण को बढ़ाकर हरित बॉन्ड के लिए ढांचे को मजबूत करने का भी सुझाव दिया है।
- सेबी के प्रस्तावों का उद्देश्य ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 2 TReDS: MSMEs के लिए कार्यशील पूँजी का सशक्त माध्यम
- 3 कमला जलविद्युत परियोजना
- 4 राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम
- 5 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस
- 6 अवसंरचना क्षेत्र के प्रदर्शन निगरानी हेतु एकीकृत डैशबोर्ड
- 7 पश्चिमी समर्पित माल गलियारा
- 8 ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट
- 9 शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना
- 10 राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट

