नॉन फंजिबल टोकन : महत्व एवं चुनौतियां
हाल ही में, 'क्रिप्टो करेंसी गिरावट' (Crypto currency fallout) के परिणामस्वरूप 'नॉन फंजिबल टोकन' भी प्रभावित हुए हैं।

नॉन फंजिबल टोकन क्या है?
नॉन फंजिबल टोकन डेटा की एक इकाई है, जिसे ब्लॉकचेन पर संग्रहीत किया जाता है और इसे बेचा एवं इसका व्यापार किया जा सकता है।
- कोई भी चीज जिसे डिजिटल रूप में बदला जा सकता है वह ‘नॉन फंजिबल टोकन' हो सकती है।
- नॉन फंजिबल टोकन, डेटा इकाइयों, डिजिटल फाइलों जैसे फोटो, वीडियो और ऑडियो से जुड़ी हो सकती हैं।
- प्रत्येक एनएफटी एक अलग अंतर्निहित परिसंपत्ति का प्रतिनिधित्व करता है, साथ ही इसका एक अलग मूल्य भी हो सकता ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रुपये का अवमूल्यन: कारण, प्रभाव एवं RBI की भूमिका
- 2 MSCI रीबैलेंसिंग और भारतीय शेयर बाजार पर इसका प्रभाव
- 3 WPI से PPI: आर्थिक आँकड़ों की नई परिभाषा
- 4 सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों को कर छूट
- 5 आरबीआई की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार
- 6 FCNR(B) जमा योजना: विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की RBI की नई पहल
- 7 रिकॉर्ड रेमिटेंस: प्रवासी भारतीयों से भारत को 110 अरब डॉलर
- 8 सकल FDI बनाम शुद्ध FDI
- 9 सेबी के नए सुधार: पूंजी बाज़ार को मिलेगी नई गति
- 10 आरबीआई का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण

