डिजिटल ऋण परिदृश्य : विनियमन रूपरेखा
7 अगस्त, 2022 भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में डिजिटल ऋण परिदृश्य (Digital Lending Scenario) को विनियमित करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की है|
- रिजर्व बैंक ने ‘ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से उधार देने’ तथा ‘डिजिटल लेंडिंग’ पर एक कार्यकारी समूह’ (Working Group) से प्राप्त इनपुट के आधार पर यह निर्णय लिया है|
- डिजिटल उधार पर कार्यकारी समूह (Working Group on digital lending) की स्थापना 13 जनवरी, 2021 को आरबीआई द्वारा की गई थी।
डिजिटल ऋण परिदृश्य को विनियमित करने हेतु नवीन दिशानिर्देश
आरबीआई के अनुसार उधार उन संस्थाओं द्वारा दिया ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)

