भारत की जनजातियां : उनका विकास एवं संस्कृति
भारत में जनजातीय आबादी संख्यात्मक रूप से एक अल्पसंख्यक समूह होने के बावजूद विशाल विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। जनजातीय लोगों की अपनी विशिष्ट संस्कृति और इतिहास है, वे भारतीय समाज के अन्य वंचित वर्गों के साथ अपर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक वंचना और सांस्कृतिक भेदभाव जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा नामक 3 राज्यों तथा पुडुचेरी एवं चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेशों को छोड़ दिया जाए तो भारत के लगभग प्रत्येक राज्य में जनजातीय आबादी पाई जाती है। देश के उत्तरी-पूर्वी तथा मध्य भागों में इनका संकेंद्रण सर्वाधिक है।
जनजातियों का श्रेणीकरण उनके सामाजिक और ....
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