जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट
हाल ही में, वित्त मंत्रलय ने ‘प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम’ [Securities Contracts (Regulation) Act], 1956 के प्रयोजनों के लिए जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट (zero coupon zero principal instruments) को प्रतिभूतियों के रूप में घोषित किया है।
जीरो कूपन-जीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट के बारे में
जीरो कूपन-जीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट का अर्थ एक गैर-लाभकारी संगठन (Non-profit organization) द्वारा जारी किया गया एक उपकरण है, जो किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के सोशल स्टॉक एक्सचेंज (social stock exchange) खंड के साथ पंजीकृत होगा। ये उपकरण भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा शासित होंगे।
- यह विचार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क (CARF)
- 2 भारत में ₹100 करोड़ से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या में चार गुना वृद्धि
- 3 NIPU-2026: उर्वरक आत्मनिर्भरता और कृषि सुरक्षा की दिशा में कदम
- 4 रुपये का अवमूल्यन: क्या भारत को निर्यात में मिलेगी बढ़त?
- 5 IIP में 23 महीने की ऊंचाई: औद्योगिक वृद्धि मजबूत, लेकिन मांग कमजोर
- 6 VB-G RAM G: MGNREGA का स्थान लेने वाली नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था
- 7 RBI मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर स्थिर
- 8 UPI पर MDR: डिजिटल भुगतान, सब्सिडी और अमेरिकी व्यापार दबाव
- 9 वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय बॉन्ड बाजार की मजबूती
- 10 इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम : ऊर्जा सुरक्षा बनाम खाद्य सुरक्षा

