बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफ़र मॉडल
हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही के दौरान सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (Build-Operate-Transfer) मॉडल का उपयोग करके निजी क्षेत्र को कम से कम 2 राजमार्ग उन्नयन परियोजनाओं की पेशकश करने की योजना बनाई है।
बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल के बारे में
बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर अनुबंध एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल है, जिसका उपयोग बड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
- बीओटी मॉडल के तहत सरकार एक निजी कंपनी को एक परियोजना के वित्तपोषण, निर्माण और संचालन के लिए रियायत देती है।
- कंपनी अपने निवेश की भरपाई करने के लिए परियोजना का संचालन करती है। अंत में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द: RBI की बड़ी कार्रवाई
- 2 सेवा क्षेत्र को मापने के लिए नया सेवा उत्पादन सूचकांक
- 3 RBI का नया एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस ढांचा: बैंकों में बड़ा बदलाव
- 4 जल-ऊर्जा-खाद्य संकट: भारत के लिए बढ़ती चुनौती
- 5 विदेशी मुद्रा संकट और भारत की मितव्ययिता नीति
- 6 भारत द्वारा सोना एवं चांदी पर आयात शुल्क वृद्धि
- 7 चीनी निर्यात प्रतिबंध : खाद्य सुरक्षा और मुद्रास्फीति प्रबंधन की उभरती चुनौतियाँ
- 8 बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें – भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- 9 भारत का FDI परिदृश्य 2025-26 : पूंजी पुनर्प्रत्यावर्तन और बाह्य क्षेत्रीय दबाव
- 10 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना

