पीयर टू पीयर लेंडिंग

  • हाल ही में RBI के डिप्टी गवर्नर ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को P2P लेंडिंग के प्रति आगाह किया है।
  • पीयर-टू-पीयर (P2P) लेंडिंग, एक तरह का ऋण वित्तपोषण है। इसमें, कोई भी व्यक्ति किसी आधिकारिक वित्तीय संस्थान के बिना, दूसरे व्यक्ति को सीधे पैसे उधार दे सकता है या उधार ले सकता है।
  • P2P ऋण भारत में पारंपरिक बैंकिंग, विशेष रूप से आबादी के अल्प बैंकिंग सुविधा वाले और बैंकिंग सुविधा रहित क्षेत्रों के लिए, के एक लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभरा है, जिन्हें अक्सर औपचारिक ऋण प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता ....
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