कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम
- हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- ये दिशा-निर्देश, ऐसे अपराधों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत लाते हैं।
- इसके अंतर्गत कोचिंग को किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रदान की गई ‘ट्यूशन, निर्देश या शैक्षणिक सहायता या शिक्षण कार्यक्रम या मार्गदर्शन’ के रूप में परिभाषित किया गया है।
- विज्ञापनों में छात्रों की सफलता दर, चयन की संख्या या रैंकिंग के बारे में झूठे दावे करना या तात्कालिकता की गलत भावना पैदा करना या चूक जाने का डर पैदा करना, जिससे चिंताएं बढ़ सकती हैं, ....
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