देश में भाईचारा बढ़ाएं राजनीतिक नेता: सुप्रीम कोर्ट

17 फरवरी, 2026 को असम के मुख्यमंत्री के कथित घृणास्पद भाषणों के संदर्भ में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि राजनीतिक नेताओं और उच्च सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों का दायित्व है कि वे भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करें और संवैधानिक नैतिकता का पालन करें।

सुप्रीम कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियाँ

  • भाईचारे का संवर्धन: 75 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत लोकतंत्र में राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज में भाईचारे (Fraternity) की भावना को मजबूत करें।
  • संवैधानिक पदाधिकारियों की विशेष भूमिका: संवैधानिक पदाधिकारी सामान्य वक्ता नहीं होते, क्योंकि ....

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