नक्सलवाद एवं उग्रवाद का मुकाबला : स्थानीय समुदायों की भूमिका
वर्तमान में भारत के विभिन्न भागों में नक्सलवाद और उग्रवाद की समस्या देखी जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा प्रयास किया जा रहा हैं।
- परंतु इनका सही तरीके से मुकाबला करने में स्थानीय समुदायों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका हैं। सरकार द्वारा उठाया गया कोई भी कदम तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक इसमें स्थानीय लोगों की व्यापक भागीदारी न हो।
नक्सलवाद का मुकाबला करने में स्थानीय समुदायों की भूमिका
भारत में नक्सलवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) का खतरा
- 2 उपग्रह युद्ध एवं GPS स्पूफिंग: नौवहन और रक्षा के लिए जोखिम
- 3 अंतरिक्ष शासन एवं वैश्विक मानदंड: संधि-विहीन क्षेत्र में भारत की भूमिका
- 4 उभरते सुरक्षा खतरे एवं कानूनी अंतराल: अद्यतन ढाँचों की आवश्यकता
- 5 राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति: एकीकृत एवं समन्वित सुरक्षा संरचना की अनिवार्यता
- 6 सुरक्षा ढांचे के रूप में IT मध्यवर्ती नियम: डिजिटल प्लेटफॉर्म का विनियमन
- 7 एन्क्रिप्टेड संचार एवं सुरक्षा
- 8 सोशल मीडिया एवं भ्रामक जानकारी
- 9 वन्यजीव एवं संसाधनों की तस्करी
- 10 मानव तस्करी के माध्यम से आतंकवादी नेटवर्क का विस्तार

