वामपंथी उग्रवाद एवं इसके विविध आयाम

वामपंथी उग्रवाद से तात्पर्य राज्य के खिलाफ वामपंथी विचारधारा से प्रेरित सशस्त्र विद्रोह से है। इसे नक्सलवाद, माओवाद जैसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है।

  • इनके द्वारा हिंसक तरीकों के माध्यम से सामाजिक एवं राजनीतिक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जाता हैं। इसके साथ ही साम्यवादी/समाजवादी राज्य की स्थापना करने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत में वामपंथी उग्रवाद

  • भारत में वामपंथी उग्रवाद (LWE) की शुरुआत तेलंगाना किसान विद्रोह (1946-51) से मानी जाती है। हालांकि 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में हुए विद्रोह ने इसे भारत में जड़ जमाने का मौका दिया।
  • नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों को ....
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