स्नातकोत्तर डॉक्टरों को 2 वर्ष की बॉन्ड अवधि पूरी करना अनिवार्य
हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने सरकारी कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की इस प्रवृत्ति की कड़ी आलोचना की है कि वे अपनी पढ़ाई के बाद 2 वर्ष तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देने के लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर तो कर देते हैं, लेकिन बाद में इस दायित्व से बचने का प्रयास करते हैं।
- मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा कि गरीबों के संसाधनों से प्रशिक्षित डॉक्टर उनकी सेवा करने से मना नहीं कर सकते। न्यायालय ने अपने निर्णय में मेडिकल स्नातकों के लिए सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अनुबंधित सेवा पूर्ण करने की बाध्यता को बरकरार ....
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