आर्कटिक परिषद

आर्कटिक परिषद (Arctic Council) 1996 में स्थापित 8 आर्कटिक देशों का एक प्रमुख अंतर-सरकारी मंच है, जो क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देता है।

जलवायु परिवर्तन और प्रबंधन पर प्रभाव

  • आर्कटिक का तापमान वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना तेजी से बढ़ रहा है, जिससे व्यापक हिम-पिघलन हो रही है।
  • पर्माफ्रॉस्ट (permafrost) के पिघलने से अवसंरचना को खतरा तथा मीथेन गैस का उत्सर्जन बढ़ रहा है।
  • परिषद का प्रबंधन अब लचीलापन (resilience) आधारित ढांचे की ओर स्थानांतरित हो रहा है, ताकि बदलते पारिस्थितिक तंत्रों के अनुरूप अनुकूलन किया जा सके।

सतत संसाधन निष्कर्षण

  • ओटावा घोषणा ....
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