सिंधु जल संधि एवं हालिया तनाव

सिंधु जल संधि (1960) पर भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से हस्ताक्षर किए गए थे। इसे विश्व के सबसे टिकाऊ जल-साझाकरण समझौतों में से एक माना जाता है।

  • नदियों का आवंटन: यह संधि पूर्वी नदियों’ (रावी, ब्यास, सतलुज) का जल भारत को और पश्चिमी नदियों’ (सिंधु, झेलम, चिनाब) का जल पाकिस्तान को आवंटित करती है। साथ ही, यह भारत को पश्चिमी नदियों पर सीमित गैर-उपभोगकारी उपयोग’ (जैसे जलविद्युत उत्पादन और सिंचाई) की अनुमति देती है।
  • संशोधन हेतु नोटिस: हाल के वर्षों में, भारत ने इस संधि में संशोधन और समीक्षा की मांग करते हुए (वर्ष 2023 ....
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