भारत-फ्रांस हिंद-प्रशांत सहयोग

भारत और फ्रांस एक मुक्त, खुले, समावेशी और नियम-आधारित क्षेत्र का साझा ‘हिंद-प्रशांत विजन’ रखते हैं, जैसा कि उनके ‘हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग के संयुक्त रणनीतिक विजन (2018)’ में स्पष्ट किया गया है।

  • स्थायी उपस्थिति: फ्रांस अपने समुद्र-पारीय क्षेत्रों (जैसे रीयूनियन द्वीप, मैयट और फ्रेंच पोलिनेशिया) के कारण एक ‘रेजिडेंट’ हिंद-प्रशांत शक्ति है। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वह इस क्षेत्र में लगभग 7,000 सैनिकों की स्थायी सैन्य उपस्थिति बनाए रखता है।
  • समुद्री सुरक्षा सहयोग: भारत और फ्रांस विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक गश्त और समन्वित तैनाती करते हैं, जो समुद्री सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करता ....
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