चीन के संदर्भ में भारत की हिंद-प्रशांत रणनीति

भारत का हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण वर्ष 2015 में घोषित ’सागर’ विजन (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) के माध्यम से व्यक्त किया गया है, जो एक मुक्त, खुले, समावेशी और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था पर बल देता है।

  • भारत का दृष्टिकोण ‘निवारण-केंद्रित’ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और बहुध्रुवीयता सुनिश्चित करना है।
  • भारत अमेरिका, जापान एवं ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर क्वाड (Quad-Quadrilateral Security Dialogue) में सक्रिय रूप से भाग लेता है, जिसका मुख्य ध्यान समुद्री सुरक्षा, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR-Humanitarian ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

मुख्य विशेष