संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC)

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) को 1992 में रियो पृथ्वी सम्मेलन में अपनाया गया और 1994 में लागू हुआ।

  • यह जलवायु वार्ताओं के लिए वैश्विक ढांचा प्रदान करता है, जिसमें लगभग सार्वभौमिक सदस्यता (197 पक्ष) है।
  • इसके अंतर्गत क्योटो प्रोटोकॉल (1997) और पेरिस समझौता (2015) जैसे प्रमुख समझौते हुए।
  • इसका उद्देश्य ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता को स्थिर करना है ताकि खतरनाक जलवायु परिवर्तन को रोका जा सके।
  • COP29 और COP30 वार्ताएं विशेष रूप से जलवायु वित्त पर केंद्रित हैं, जिसमें प्रतिवर्ष 100 अरब डॉलर जुटाने और उससे आगे के लक्ष्यों पर चर्चा हो रही ....
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