जैव विविधता अभिसमय (CBD)

जैव विविधता अभिसमय (Convention on Biological Diversity) को 1992 में रियो पृथ्वी सम्मेलन में अपनाया गया और 1993 में लागू हुआ।

  • इसके तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
    • जैव विविधता का संरक्षण
    • जैव संसाधनों का सतत उपयोग
    • लाभों का न्यायसंगत और समान वितरण
  • यह पक्षकारों के सम्मेलन (COP) और कुनमिंग–मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा (2022) जैसे तंत्रों के माध्यम से कार्य करता है।
  • COP16 (2024) का फोकस वैश्विक लक्ष्यों के क्रियान्वयन पर है, जिसमें 2030 तक भूमि और महासागरों के 30% संरक्षण (30×30 लक्ष्य) शामिल है।
  • प्रमुख मुद्दों में जैव विविधता वित्त, प्रौद्योगिकी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

मुख्य विशेष