1857 का विद्रोह एवं इसके परिणाम
1857 का विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ संगठित प्रतिरोध की पहली अभिव्यक्ति थी। यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के सिपाहियों के विद्रोह के रूप में शुरू हुआ, लेकिन जनता की भागीदारी भी इसने हासिल कर ली।
- प्रमुख कारक: 1857 तक, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था। अंग्रेज़ों की विस्तारवादी नीति और व्यपगत के सिद्धांत ने जमींदारों एवं राजाओं में सत्ता खोने का डर पैदा कर दिया था।
- इसके साथ ही ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों और उपायों ने भारतीय समाज, संस्कृति, और धर्म को प्रभावित किया, जिससे ....
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