राज्य मंत्रिपरिषद
मंत्रिपरिषद तीन प्रकार के मंत्रियों से मिलकर बनती है-
- कैबिनेट मंत्री- राज्य सरकार के प्रमुख विभागों जैसे कि गृह, शिक्षा, वित्त, कृषि, आदि के प्रभारी होते हैं।
- राज्य मंत्री- स्वतंत्र रूप से विभागों को सौंपा जा सकता है या कैबिनेट मंत्रियों के साथ जोड़ा जा सकता है।
- उपमंत्री-स्वतंत्र प्रभार नहीं दिया जाता। कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर काम करते हैं, उन्हें प्रशासनिक, राजनीतिक और संसदीय जिम्मेदारियों में सहायता करते हैं।
- अनुच्छेद 163- राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रीपरिषद होती है।
- इस प्रकार दी गई सलाह किसी भी अदालत में जाँच के अधीन नहीं है।
- अनुच्छेद 164- राज्य विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप ....
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