सिंचाई एवं बहुद्देशीय परियोजनाएं
- उ.प्र. में सिंचाई के प्रमुख साधनों में नलकूप का प्रथम स्थान है। द्वितीय स्थान नहरों का तथा तृतीय स्थान कुएं द्वारा सिंचाई का है।
- कुल सिंचाई क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में उ.प्र. का प्रथम स्थान है।
- उ.प्र. में सर्वप्रथम सिंचाई हेतु पहला कार्यालय 1823 ई. में अंग्रेजों ने सहारनपुर में खोला था।
- वर्ष 1830 में पूर्वी यमुना नहर, 1854 में ऊपरी गंगा नहर, 1878 में आगरा एवं निचली गंगा नहर तथा 1885 में झांसी, जालौन एवं हमीरपुर जिलों की सिंचाई के निमित्त बेतवा नहर का निर्माण किया गया था।
- कृषि उत्पादन में वृद्धि करके क्षेत्र का समन्वित विकास करने के उद्देश्य से 1973-74 ....
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