ब्रिटिश काल में औद्योगिक एवं अवसंरचनात्मक विकास
ब्रिटिश काल में भारत में औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास एक जटिल और विविध प्रक्रिया थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण पहलुओं और प्रभावों का समावेश था। इस काल के दौरान, ब्रिटिश शासन ने भारत में कई अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और औद्योगिक पहलों की शुरुआत की, लेकिन स्थानीय अर्थव्यवस्था और समाज पर इन विकासों का प्रभाव मिश्रित था।
- ब्रिटिश शासन के तहत, भारतीय अर्थव्यवस्था का पुनर्गठन ब्रिटिश साम्राज्य के आर्थिक हितों के अनुरूप किया गया। ब्रिटेन में मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर उत्पादन ने भारतीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचाया। ब्रिटिश औद्योगिक नीति का मुख्य उद्देश्य भारत को कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता ....
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