भारत का औपनिवेशीकरण
भारत का औपनिवेशीकरण एक जटिल और लंबी प्रक्रिया थी, जिसने देश के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक ढांचे को गहराई से प्रभावित किया। यह प्रक्रिया 15वीं शताब्दी के अंत में शुरू हुई और 20वीं शताब्दी के मध्य तक चली। इस अवधि के दौरान भारत पर विभिन्न यूरोपीय शक्तियों का शासन रहा, लेकिन अंततः ब्रिटिश साम्राज्य ने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया।

- प्रारंभिक यूरोपीय उपस्थिति: 1498 में, वास्को डी गामा की अगुआई में पुर्तगाली नौसेना भारत के कालीकट (वर्तमान कोझिकोड) के तट पर पहुंची। यह घटना भारत ....
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