जस्टिस यशवंत वर्मा मामला: न्यायिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल

तीन सदस्यीय संसदीय जांच समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा को उनके सरकारी आवास से मिले भारी मात्रा में अघोषित नकदी के स्रोत, मौजूदगी और स्वामित्व को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल पाया है। समिति ने उनके द्वारा साक्ष्यों में हस्तक्षेप तथा भ्रामक स्पष्टीकरण देने के आरोपों को भी सही माना।

मामले की पृष्ठभूमि

मार्च 2025 में, जब जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत थे, उनके आधिकारिक आवास के स्टोर रूम में जले और आंशिक रूप से नष्ट हुए ₹500 के नोट मिले। इसके बाद अगस्त 2025 में 146 लोकसभा सदस्यों ने उनके ....

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