मनमानी गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने Vihaan Kumar v. State of Haryana (2025) मामले में गिरफ्तारी से जुड़े संवैधानिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करते हुए कहा कि प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधार की स्पष्ट और सार्थक जानकारी सीधे उसे दी जानी चाहिए। केवल परिजनों को सूचना देना या अस्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है।

प्रमुख निर्देश

न्यायालय के अनुसार, गिरफ्तारी के आधार की जानकारी न देना अनुच्छेद 22(1) तथा वर्तमान BNSS की धारा 47 का उल्लंघन है। यदि प्रारंभिक गिरफ्तारी ही असंवैधानिक है, तो उसके आधार पर जारी आगे के रिमांड आदेश भी अवैध हो सकते हैं। गिरफ्तारी ....

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