Interview - आर्यन श्योराण

आर्यन श्योराण

CAPF 2025

(All India Rank - 2AIR)

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल की ओर से आपकी शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई। सबसे पहले अपने बारे में बताइए।

आर्यन श्योराण: बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं मूल रूप से भिवानी, हरियाणा का रहने वाला हूं और वर्तमान में द्वारका, दिल्ली में रहता हूं। मेरे परिवार में माता-पिता, मैं और मेरा छोटा भाई है। मेरे पिता CRPF की 118वीं बटालियन में हेड कांस्टेबल/ड्राइवर हैं और वर्तमान में गुंड, गांदरबल, जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। मेरी मां गृहिणी हैं।

मैंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई CRPF पब्लिक स्कूल, प्रशांत विहार, रोहिणी से की। 11वीं-12वीं में PCM के साथ कंप्यूटर साइंस था। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज से इतिहास और राजनीति विज्ञान के साथ बी.ए. प्रोग्राम किया। मुझे सेल्फ-हेल्प तथा फिक्शन/फैंटेसी पुस्तकें पढ़ना, फिल्में एवं सीरीज देखना, क्रिकेट खेलना, नई जगहों की यात्रा करना और मेडिटेशन पसंद है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: वर्दीधारी सेवाओं के प्रति आपका आकर्षण कैसे विकसित हुआ और CAPF को क्यों चुना?

आर्यन श्योराण: मैं शुरू से सशस्त्र बलों में जाना चाहता था। वर्दी और उसके साथ मिलने वाला सम्मान मुझे आकर्षित करता था। मेरे पिता स्वयं CRPF में हैं और उनसे सैन्य बलों में अधिकारियों को मिलने वाले सम्मान के बारे में सुनकर भी मुझे इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

मैंने NDA की छह बार, CDS की चार बार और AFCAT की दो बार परीक्षा दी। इस दौरान कुल 12 बार सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (SSB) की चयन प्रक्रिया का सामना किया, लेकिन अंतिम सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद मैंने CAPF (Assistant Commandant) को चुना, क्योंकि इसकी प्रकृति भी मेरे वर्दीधारी सेवा में जाने के लक्ष्य के काफी करीब थी। CAPF में यह मेरा पहला प्रयास था और इसी में AIR-2 प्राप्त करना मेरे लिए बेहद खास है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : CAPF में आपकी पहली वरीयता CISF क्यों है?

आर्यन श्योराण: मेरी पहली वरीयता CISF है। इसका मुख्य कारण इसमें अपेक्षाकृत तेज पदोन्नति की संभावनाएं और पारिवारिक जीवन के साथ बेहतर संतुलन है। इन्हीं कारणों से मैंने CISF को पहली वरीयता दी है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपकी दैनिक दिनचर्या और तैयारी की रणनीति कैसी थी?

आर्यन श्योराण: मेरी दिनचर्या संतुलित थी। दिन की शुरुआत दौर लगाने से करता था, उसके बाद व्यायाम और मेडिटेशन करता था। फिर लाइब्रेरी जाकर दोपहर लगभग 12:30 बजे तक पढ़ता था। लंच के बाद दोबारा लाइब्रेरी जाता और शाम करीब 7 बजे तक अध्ययन करता था।

मैं Paper I की प्रैक्टिस और Paper II के बीच समय बांटता था। Paper II में विशेष रूप से सामान्य अध्ययन, करेंट अफेयर्स, निबंध और कॉम्प्रिहेंशन पर ध्यान था। लगभग सात महीनों तक समाचार-पत्र, क्रॉनिकल पत्रिका और विजन की मैगजीन से अपने Paper II के नोट्स बनाए। अंतिम एक महीने में मुख्य रूप से मॉक टेस्ट और रिवीजन पर ध्यान केंद्रित किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपने बिना किसी कोचिंग के CAPF परीक्षा की तैयारी की। आपके प्रमुख अध्ययन-संसाधन क्या रहे?

आर्यन श्योराण: किसी एक संसाधन का नाम लेना कठिन है। मैंने CAPF के लिए किसी कोचिंग संस्थान में नामांकन नहीं लिया था। वर्ष 2021 में अपनी पहली NDA परीक्षा के समय से ही विभिन्न यूट्यूब चैनलों के निःशुल्क वीडियो से पढ़ता रहा हूं। पिछले पांच वर्षों में दूसरी UPSC और रक्षा परीक्षाओं की तैयारी के कारण मेरा बेस पहले से तैयार था।

मेरी सफलता में स्कूली शिक्षा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। CRPF पब्लिक स्कूल में अच्छे शिक्षकों के कारण मेरे बेसिक कॉन्सेप्ट काफी स्पष्ट थे, इसलिए CAPF की लिखित परीक्षा में मुझे ज्यादा कठिनाई नहीं हुई।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी को लेकर CAPF अभ्यर्थियों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

आर्यन श्योराण: मेरा मानना है कि शुरुआत से बहुत अधिक कठिन शारीरिक अभ्यास करना जरूरी नहीं है। सीमित लेकिन नियमित फिजिकल एक्टिविटी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है।

लिखित परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद दौर लगाने की अवधि और तीव्रता बढ़ाकर स्प्रिंटिंग पर ध्यान दिया जा सकता है। साथ ही स्वस्थ भोजन भी महत्वपूर्ण है। मेरे अनुसार शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी में तीव्रता से अधिक निरंतरता जरूरी है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : 12 SSB असफलताओं के बाद आत्मविश्वास बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण था?

आर्यन श्योराण: वास्तव में यही मेरी सबसे बड़ी चुनौती थी। मैं स्वभाव से शर्मीला था और एक्स्ट्रा-करिकुलर गतिविधियों में भी मेरी भागीदारी सीमित थी। CAPF इंटरव्यू को लेकर भी डर था कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा या नहीं। हालांकि पांच दिन की SSB प्रक्रिया का 12 बार सामना करने के बाद मैं अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकला और मेरे अन्दर जो डर था वो भी समाप्त हो गया ।

इसी दौरान मैंने You Can Heal Your Life पुस्तक पढ़ी, जिसमें सेल्फ-लव और कृतज्ञता पर जोर दिया गया। मैंने पॉजिटिव सेल्फ-टॉक का अभ्यास शुरू किया और मेडिटेशन जारी रखा।

लिखित और शारीरिक परीक्षा मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती नहीं थीं; असली चुनौती स्वयं पर विश्वास करना था। आज मुझे लगता है कि SSB की वे असफलताएं भी मेरे व्यक्तित्व को बेहतर बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा थीं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपसे इंटरव्यू में किस तरह के प्रश्न पूछे गए?

आर्यन श्योराण: मेरे इंटरव्यू में हाल के CAPF Bill, CAPF में पेंशन, कारगिल युद्ध, मेरे SSB अनुभव, रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और ईरान-अमेरिका से जुड़े घटनाक्रमों जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे गए। एक-दो केस स्टडी भी दी गईं।

मेरे अनुभव में इंटरव्यू मुख्य रूप से समसामयिक विषयों और उन पर हमारे विचारों के इर्द-गिर्द रहा। मेरे उत्तरों के आधार पर कई काउंटर-प्रश्न भी पूछे गए। इसलिए केवल तथ्य जानना ही पर्याप्त नहीं है; किसी मुद्दे पर अपनी राय को तार्किक और संतुलित तरीके से व्यक्त करना भी महत्वपूर्ण है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: ‘The Invisible Helping Hand’ पहल ने आपकी तैयारी में क्या भूमिका निभाई?

आर्यन श्योराण: कई CAPF अधिकारियों से फोन पर बातचीत करने के अलावा लगभग तीन महीने श्री राकेश निखज की पहल ‘The Invisible Helping Hand’ से जुड़ा रहा। मेरे एक मित्र ने इसकी सलाह दी थी।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : AIR-2 प्राप्त करने पर परिवार की क्या प्रतिक्रिया थी?

आर्यन श्योराण: सभी बेहद खुश थे—कह सकते हैं कि पूरा परिवार ‘ऑन क्लाउड नाइन’ था। मेरे लिए परिवार की खुशी देखना बहुत खास अनुभव था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : क्या भविष्य में UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा भी देना चाहेंगे?

आर्यन श्योराण: हां। AIR-2 प्राप्त करने के बाद मेरी कई CAPF अधिकारियों से मुलाकात और बातचीत हुई। उनमें से अधिकांश ने मुझे UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा का भी प्रयास करने की सलाह दी। इसलिए मैं भविष्य में CSE की तैयारी करके इसे जरूर आजमाना चाहूंगा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: प्रशिक्षण और एक अधिकारी के रूप में अपनी भावी भूमिका को किस तरह देखते हैं?

आर्यन श्योराण: मैं प्रशिक्षण को लेकर काफी उत्साहित हूं। वहां नए दोस्त बनाने, नए लोगों से मिलने और दूसरों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मुझे देश की सेवा करने और वर्दी के साथ आने वाली जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा।

मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ अपना शत-प्रतिशत देकर निभाना चाहूंगा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: अंत में CAPF अभ्यर्थियों को क्या संदेश देना चाहेंगे?

आर्यन श्योराण: निरंतरता और अनुशासन बनाए रखें तथा परिणाम के बारे में बहुत अधिक सोचने के बजाय तैयारी करते रहें। अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलें, अपने डर का सामना करें और स्वयं का बेहतर संस्करण बनने का प्रयास करें।

असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ते रहें। सफलता मिलने पर भी कभी अहंकारी न बनें; हमेशा विनम्र, जमीन से जुड़े और जीवन में मिले अवसरों के प्रति कृतज्ञ रहें। मेरी यात्रा ने मुझे यही सिखाया है कि आत्म-संदेह से बाहर निकलकर स्वयं पर विश्वास करना और लगातार प्रयास करते रहना बहुत महत्वपूर्ण है।