अनन्या शर्मा
अनन्या शर्मा
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025
(All India Rank - 13thAIR)
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी इस शानदार उपलब्धि पर सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! आप कैसा अनुभव कर रही हैं?
अनन्या: बहुत-बहुत धन्यवाद! मैं अत्यंत कृतज्ञ और बेहद खुश हूँ। पिछले कुछ दिन मेरे लिए मानो स्वप्न जैसे रहे हैं। अब मैं अपनी ट्रेनिंग शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूँ।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपको IAS अधिकारी बनने की प्रेरणा कहां से मिली? आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं, और आपकी इस यात्रा में परिवार, शिक्षकों और दोस्तों की क्या भूमिका रही?
अनन्या: मुझे यह प्रेरणा पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह से मिली, जो मेरे विद्यालय द पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा के पूर्व छात्र रहे हैं। संस्थापक दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिए गए उनके संबोधन ने मेरे मन में सार्वजनिक जीवन में योगदान देने और सिविल सेवा में जाने की गहरी इच्छा उत्पन्न की। मैंने सम्मिलित रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा (I), 2024 भी दी थी और सौभाग्य से उसमें ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की।
मैं अपनी इस सफलता का श्रेय सर्वप्रथम ईश्वर को देती हूं, और उसके बाद अपने माता-पिता तथा भाई को, जिन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। मेरे अनेक शिक्षक और दोस्त भी निरंतर मुझे प्रेरित करते रहे; मैं उन सभी के प्रति हृदय से आभारी हूं।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए? क्या आपने दोनों की तैयारी एक साथ की या अलग-अलग?
अनन्या: मेरी सलाह है कि तैयारी एक क्रमिक और संतुलित दृष्टिकोण से की जाए। सबसे पहले पाठ्यक्रम को भली-भांति समझें, फिर NCERT, मानक पुस्तकों, समाचार-पत्रों तथा पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों के विश्लेषण के माध्यम से अवधारणात्मक स्पष्टता विकसित करें, ताकि बार-बार पूछे जाने वाले पैटर्न की पहचान हो सके।
इसके साथ-साथ नियमित पुनरावृत्ति, उत्तर लेखन अभ्यास और ईमानदारी से अपना मूल्यांकन करना आपको अपनी तैयारी के स्तर को मापने और उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करता है जिन पर अधिक काम करने की आवश्यकता है।
यदि मैं पीछे मुड़कर देखूं, तो अपने पूर्व प्रयासों में मैंने प्रारंभिक परीक्षा पर अत्यधिक जोर दिया था, जो मेरे लिए एक बाधा बन गया। किंतु 2025 के प्रयास में मैंने प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं की तैयारी को समेकित रूप से किया, जो कहीं अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ।
वास्तव में, दोनों चरणों का स्रोत समान होता है; अंतर केवल मूल्यांकन की शैली में होता है। प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ ज्ञान को परखती है, जबकि मुख्य परीक्षा उसी ज्ञान को विश्लेषणात्मक ढंग से, उदाहरणों, केस स्टडी और समसामयिक संदर्भों के साथ प्रस्तुत करने की अपेक्षा करती है।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपने प्रत्येक चरण - प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार और वैकल्पिक विषय को कितना समय दिया? परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन कैसे किया?
अनन्या: मैंने जो समय दिया वह मेरी तैयारी के स्तर और प्रत्येक चरण की निकटता पर निर्भर करता था। प्रारंभिक परीक्षा से तीन-चार महीने पहले मैंने लगभग 80:20 के अनुपात का पालन किया; प्रारंभिक परीक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी प्रक्रिया को विविधतापूर्ण और रोचक बनाए रखने के लिए अपने वैकल्पिक विषय के कुछ हिस्सों को भी दोहराती रही।
इस दौरान मैंने पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र हल किए और अनेक मॉक टेस्ट दिए। मुख्य परीक्षा की तैयारी लगभग 5 से 6 महीने चली, जिसमें सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय दोनों को लगभग समान समय दिया।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: क्या आपने नोट्स बनाए? वे कितने उपयोगी रहे, और नोट्स बनाने के संबंध में आपकी क्या सलाह है?
अनन्या: हां, मैंने पूरी तैयारी के दौरान डिजिटल नोट्स बनाए। अच्छे नोट्स वास्तव में आपकी समझ का सार होते हैं; ये विषयों को व्यवस्थित करने, आपसी संबंध स्थापित करने और शीघ्र पुनरावृत्ति में अत्यंत सहायक होते हैं। मेरी सलाह है कि नोट्स संक्षिप्त रखें और स्रोतों की संख्या सीमित रखें।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपने कौन-सा वैकल्पिक विषय चुना और क्यों? उसकी तैयारी के लिए आपकी क्या रणनीति रही?
अनन्या: मैंने समाजशास्त्र (Sociology) को अपना वैकल्पिक विषय चुना। यह मेरे अर्थशास्त्र के शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ सामंजस्य स्थापित करता है और प्रशासन तथा शासन की समझ को व्यापक बनाता है।
रणनीति के रूप में, सबसे पहले पाठ्यक्रम को गहराई से समझना, अवधारणात्मक आधार को मजबूत करना और दोनों प्रश्न-पत्रों के बीच अंतर्संबंध स्थापित करना आवश्यक है।
वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में समाजशास्त्रीय अवधारणाओं को लागू करने से समझ और अधिक गहरी होती है। इसके अतिरिक्त, विगत वर्षों के प्रश्न-पत्रों का विश्लेषण और नियमित उत्तर लेखन अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: नीतिशास्त्र (पेपर IV) के लिए आपकी रणनीति, तैयारी का दृष्टिकोण और अनुशंसित पठन सामग्री क्या थी?
अनन्या: पेपर IV को दो खंडों में बांटा गया है; एक सैद्धांतिक ज्ञान का परीक्षण करता है और दूसरा केस स्टडी के माध्यम से इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग का। विगत वर्षों के प्रश्नों का अध्ययन करने से अपेक्षित ज्ञान की गहराई और विस्तार का स्पष्ट अंदाजा हो जाता है। मैंने पहले प्रमुख शब्दों की परिभाषाओं का एक संग्रह तैयार किया और उन्हें समाचार पत्रों के लेखों से लिए गए प्रासंगिक उदाहरणों और केस स्टडीज के साथ समृद्ध किया।
केस स्टडीज के लिए, मैंने बार-बार आने वाले विषयों की पहचान की और संरचित प्रतिक्रिया के टेम्पलेट विकसित किए। इसके अतिरिक्त, मैं यूट्यूब पर उपलब्ध संसाधनों, जैसे ‘जस्टिस सीरीज़’ (नैतिक दर्शन पर आधारित व्याख्यान श्रृंखला) की भी अनुशंसा करूंगी। साथ ही, दैनिक जीवन की गतिविधियों और नैतिक दुविधाओं पर चिंतन करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे नैतिक मूल्यों को केवल कंठस्थ करने के बजाय उन्हें वास्तविक रूप से आत्मसात किया जा सकता है।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: निबंध प्रश्न-पत्र के लिए आपकी तैयारी कैसी रही?
अनन्या: मेरा प्रमुख ध्यान इस बात पर रहा कि विषय-वस्तु विविध होने के साथ-साथ सुव्यवस्थित और सुसंगत बनी रहे, जिसमें चयनित उदाहरणों, उद्धरणों और प्रसंगों का संतुलित संयोजन किया जाए। मेरा मानना है कि जो अभ्यर्थी किसी विषय के मूल सार को स्पष्टता और सरलता के साथ, बिना उसकी गहराई से समझौता किए, प्रस्तुत कर पाता है, वह इस प्रश्न-पत्र में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने की सशक्त स्थिति में होता है।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: परीक्षा में आपकी उत्तर लेखन शैली कैसी रही? आपने इसे कैसे विकसित किया?
अनन्या: मैंने उत्तर लेखन के लिए “ICE” दृष्टिकोण, यानी भूमिका (Introduction), संदर्भीकरण (Contextualization) और उदाहरण (Example) को अपनाया। अलग-अलग विषयों और पेपर्स में विशिष्टताएं भिन्न थीं, लेकिन मुख्य सिद्धांत सुसंगत रहे: प्रश्न को उसके घटक भागों में तोड़ना, प्रासंगिक उदाहरण, डेटा और जहाँ उपयुक्त हो वहाँ आरेख (diagrams) शामिल करना, और उत्तर की संरचना इस तरह करना कि वह प्रश्न को व्यापक रूप से संबोधित करे और पृष्ठ पर अच्छी तरह से प्रस्तुत भी हो।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: साक्षात्कार की तैयारी आपने कैसे की? किस प्रकार के प्रश्न पूछे गए? क्या कोई प्रश्न ऐसा था जिसका उत्तर आप नहीं दे सकीं?
अनन्या: मेरी तैयारी में गहरा आत्म-निरीक्षण, मेरे DAF (विस्तृत आवेदन पत्र) का विस्तृत अध्ययन, और समाचार घटनाओं को न केवल सतही तौर पर बल्कि उनके मूल कारणों, निहितार्थों और भविष्य की दिशा के संदर्भ में समझने का प्रयास शामिल था। मैंने कुछ मॉक इंटरव्यू भी दिए, ताकि मैं उस माहौल में सहज हो सकूँ और उन्हें अपनी समग्र तैयारी के लिटमस टेस्ट के रूप में उपयोग कर सकूँ।
वास्तविक साक्षात्कार के दौरान, मैंने मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण साझा करने पर जोर दिया, क्योंकि मेरा मानना है कि ऐसा करने से वास्तविक सोच झलकती है और व्यक्ति का अपना व्यक्तित्व सामने आता है।
प्रश्न काफी व्यापक थे - भू-राजनीति और अर्थशास्त्र से लेकर समाज, युवाओं और हमारे संविधान की प्रासंगिकता तक। 2 या 3 तथ्यात्मक प्रश्न ऐसे थे जिनका मैं उत्तर नहीं दे सकी, और मैंने विनम्रतापूर्वक उनके लिए मना कर दिया।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: सिविल सेवा तैयारी में कोचिंग की क्या भूमिका है?
अनन्या: यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय है। प्रत्येक अभ्यर्थी की आवश्यकताएं, संसाधन और तैयारी का स्तर अलग होता है। कोचिंग दिशा और संरचना प्रदान कर सकती है, लेकिन अंततः आत्म-अनुशासन और स्वाध्याय का कोई विकल्प नहीं है।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी तैयारी में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल की क्या भूमिका रही?
अनन्या: मैंने सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल का उपयोग मुख्यतः चयनित लेखों को पढ़ने और समसामयिक विषयों के MCQs हल करने के लिए किया। यह एक विश्वसनीय और केंद्रित स्रोत रहा।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी तैयारी के प्रमुख स्रोत क्या रहे?
अनन्या:
सामान्य अध्ययन - पेपर I
- इतिहास: तमिलनाडु राज्य बोर्ड की पुस्तकें, एनसीईआरटी (कक्षा 6–12), स्पेक्ट्रम, बिपिन चंद्रा।
- भारतीय समाज: मेरे वैकल्पिक विषय के नोट्स + समाचार पत्र।
- कला एवं संस्कृति: ललित कला की NCERT; द इंडियन एक्सप्रेस का 'एक्सप्लेंड' सेक्शन।
- भूगोल: एनसीईआरटी (कक्षा 9–12); वैचारिक स्पष्टता और मानचित्र-आधारित विषयों के लिए यूट्यूब।
सामान्य अध्ययन - पेपर II
- राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत; पी.एम. बख्शी की 'भारत का संविधान'; यूट्यूब पर आतिश माथुर सर के लेक्चर।
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: समाचार पत्र और करेंट अफेयर्स पत्रिकाएं।
- शासन: GS पेपर IV के नोट्स के साथ एकीकृत, क्योंकि दोनों के बीच समानता है।
सामान्य अध्ययन - पेपर III
- अर्थव्यवस्था: ग्रेजुएशन के मेरे अपने नोट्स; डेटा और केस स्टडी के लिए 'आर्थिक सर्वेक्षण'।
- पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन: मानक सामग्री + समाचार पत्र।
(पिछले वर्षों के प्रश्न और अखबारों के लेख सभी पेपर्स के लिए सामान्य संदर्भ बिंदु थे। वर्तमान डेटा को शामिल करने के लिए, मैंने ऑनलाइन PIB एक्सप्लैनर्स का संदर्भ लिया।)
वैकल्पिक विषय (समाजशास्त्र)
- शुरुआती नोट्स IGNOU की समाजशास्त्र सामग्री से तैयार किए गए थे, जिसमें 'लेवलअप IAS' के क्रैश कोर्स और टेस्ट सीरीज की सामग्री जोड़ी गई थी। मेरी तैयारी केंद्रित और स्रोत-सीमित थी, जिसमें पिछले वर्षों के प्रश्नों के आयामों पर काफी जोर दिया गया था।
ऑनलाइन संसाधन
- यूट्यूब पर कुर्ज़गेसाग्ट (Kurzgesagt), द स्कूल ऑफ लाइफ़, क्रैश कोर्स, डाउन टू अर्थ और द प्रिंट जैसे चैनल ऑडियो-विजुअल उपयोगी हैं तथा तैयारी की प्रक्रिया को रोचक बनाए रखते हैं। साथ ही, मैंने अपने कंटेंट में विशिष्ट दृष्टिकोण जोड़ने के लिए चयनित रूप से AI टूल्स का भी उपयोग किया।
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: हमारे साथ अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा करने के लिए धन्यवाद। आपको एक सफल और उत्कृष्ट प्रशासनिक करियर के लिए शुभकामनाएं...।
नियमित स्तंभ
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साक्षी जैन - All India Rank - 37th - UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025
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ज़िनिया ऑरोरा - All India Rank - 6th - UPSC सिविल सेवा परीक्षा, 2025
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जीवन की जीवंतता, संघर्ष की पटकथा - डॉ. श्याम सुन्दर पाठक ‘अनन्त’ - -
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अभिषेक प्रियदर्शी - 35th - यूपीपीसीएस 2021 डिप्टी कलेक्टर
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रश्मिलता - 52th - यूपीपीसीएस 2021 डिप्टी कलेक्टर
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दीपा भाटी - 166 - प्रिंसिपल - 2021 (उ. प्र. लोक सेवा आयोग)
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बमबम कुमार - - 66वीं बीपीएससी परीक्षा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (LEO)
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राजीव कुमार - 45th - 65वीं बीपीएससी परीक्षा डीएसपी पद पर चयन
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इं. दुर्गेश त्रिपाठी समीक्षा अधिकारी-2016 (उ. प्र. लोक सेवा आयोग) - Rank-4 -
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64वीं बीपीएससी परीक्षा (राजस्व अधिकारी) दिव्य प्रकाश - -

