साक्षी जैन

साक्षी जैन

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025

(All India Rank - 37thAIR)

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी इस शानदार उपलब्धि पर सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! आप कैसा अनुभव कर रही हैं?

साक्षी: धन्यवाद। मैं काफी राहत महसूस कर रही हूँ और बहुत आभारी हूँ। यह अनुशासन और दृढ़ता की एक लंबी मैराथन रही है। अब, मैं एक अधिकारी के रूप में अपनी ट्रेनिंग शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूँ।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपको IAS अधिकारी बनने की प्रेरणा कहां से मिली? आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं, और आपकी इस यात्रा में परिवार, शिक्षकों और दोस्तों की क्या भूमिका रही?

साक्षी: यह मेरी एक लंबे समय से संजोई हुई आकांक्षा थी। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कॉरपोरेट क्षेत्र में कार्य करते हुए मुझे यह अनुभव हुआ कि आर्थिक सफलता महत्वपूर्ण अवश्य है, परंतु वही मेरा एकमात्र उद्देश्य नहीं है। मैं ऐसे करियर की तलाश में थी, जो पेशेवर विविधता, सार्थक प्रभाव और राष्ट्र की प्रत्यक्ष सेवा - इन सभी का समन्वय प्रस्तुत करे। सिविल सेवा इन दोनों - व्यावसायिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व, के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती है।

मैं अपनी सफलता का श्रेय सर्वप्रथम ईश्वर और अपने गुरुओं को देती हूँ। साथ ही, अपने माता-पिता और भाई को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहूँगी, जिनका अटूट विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन कठिनतम समय में भी मुझे आगे बढ़ाता रहा।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए? क्या आपने दोनों की तैयारी एक साथ की या अलग-अलग?

साक्षी: सबसे पहला कदम पाठ्यक्रम (Syllabus) का अध्ययन करके और विगत वर्षों के प्रश्न-पत्रों (PYQs) पर सरसरी नज़र डालकर परीक्षा की प्रकृति को समझना है। उसके बाद, पाठ्यक्रम से जोड़कर NCERTs का अध्ययन करें और नियमित रूप से अखबार पढ़ें (दैनिक करंट अफेयर्स के लिए कोचिंग वेबसाइट्स की मदद ली जा सकती है)। वैकल्पिक विषय का अध्ययन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन PYQs का अभ्यास और विषयवार टेस्ट देने से अपनी शक्तियों और कमजोरियों का आकलन किया जा सकता है।

मेरी प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) और मुख्य परीक्षा (मेन्स) की तैयारी पूरी तरह से अलग-अलग नहीं थी। मैंने एक संतुलित और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया। जो विषय प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों में आते थे, उनके लिए मेरे नोट्स समान ही थे। मैंने उनमें 'P' (Prelims) और 'M' (Mains) को अलग-अलग चिह्नित कर लिया था और उसी के अनुसार विश्लेषणात्मक हिस्सों को शामिल किया था।

प्रारंभिक परीक्षा की मजबूत तैयारी मुख्य परीक्षा के लिए एक ठोस नींव का काम करती है। यह समझना भी बहुत जरूरी है कि 'जानने' और उसे 'लिखने' में बड़ा अंतर होता है। मुख्य परीक्षा में अच्छे उत्तर-लेखन कौशल की आवश्यकता होती है। इसके लिए नियमित अभ्यास, अपनी गलतियों की पहचान करना और निरंतर सुधार करना बेहद आवश्यक है। एक आम गलती जो उम्मीदवार करते हैं, वह है बहुत सारे स्रोतों का उपयोग करना। किसी भी विषय के लिए अपने स्रोतों को अधिकतम दो तक सीमित रखना चाहिए और उन्हें प्रभावी ढंग से एकीकृत करना चाहिए।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपने प्रत्येक चरण - प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार और वैकल्पिक विषय को कितना समय दिया? परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन कैसे किया?

साक्षी: मैं अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाई थी। इसलिए 2022 के अपने दूसरे प्रयास में मैंने मार्च से प्रारंभिक परीक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उससे पहले (नवंबर 2021 से फरवरी 2022 तक) मैंने अपने वैकल्पिक विषय, सामान्य अध्ययन पेपर-II और पेपर-IV को अच्छी तरह तैयार कर लिया था।

यह मेरा चौथा मेन्स प्रयास था, इसलिए मेरी अधिकांश सामग्री पहले से ही तैयार थी। मैंने मुख्य परीक्षा के उन 80 दिनों के दौरान केवल सुधार करने पर ध्यान केंद्रित किया और अपने समय को निबंध, सामान्य अध्ययन (GS) और वैकल्पिक विषय के बीच लगभग समान रूप से बांटा।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: क्या आपने नोट्स बनाए? वे कितने उपयोगी रहे, और नोट्स बनाने के संबंध में आपकी क्या सलाह है?

साक्षी: किसी भी सामग्री (चाहे वह NCERTs हो, वैकल्पिक विषय हो या GS) को दो बार पढ़ने के बाद ही नोट्स बनाने चाहिए। मेरे पास नोट्स का एक अलग सेट था जिसमें प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के बीच स्पष्ट अंतर था। ये मेरे शॉर्ट नोट्स थे। भविष्य के अपडेट और मूल्यवर्धन के लिए पन्नों में पर्याप्त खाली जगह छोड़ना बहुत ज़रूरी है।

मैंने अधिकांश विषयों में टॉपर्स के नोट्स का भी उपयोग किया। मैंने परीक्षा के दिन के रिवीजन के लिए समेकित नोट्स तैयार किए थे - GS के लिए माइक्रो नोट्स, जिनमें शब्दावली, प्रस्तावना, निष्कर्ष, डेटा और उदाहरण शामिल थे। मैंने प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों के लिए टेस्ट नोट्स भी बनाए थे, जिसमें मैं अपनी गलतियों को लिखती थी, सामग्री में सुधार करती थी और करंट अफेयर्स को अपडेट करती थी।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसे चुनने का आधार क्या था? वैकल्पिक पेपर की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

साक्षी: एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में मेरी पृष्ठभूमि होने के कारण, मेरा वैकल्पिक विषय वाणिज्य और लेखाविधि (Commerce and Accountancy) था। इसकी तैयारी के लिए विगत वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण करना चाहिए और उचित प्रस्तुतीकरण के साथ उनका व्यापक अभ्यास करना चाहिए।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: नीतिशास्त्र (पेपर IV) के लिए आपकी रणनीति, तैयारी का दृष्टिकोण और अनुशंसित पठन सामग्री क्या थी?

साक्षी: चूँकि मैंने किसी GS फाउंडेशन कोर्स में दाखिला नहीं लिया था, इसलिए मैंने PYQs की प्रकृति और पैटर्न का विश्लेषण करके GS-IV की तैयारी शुरू की। पाठ्यक्रम को याद कर लेने से प्रश्नों को समझने और उत्तरों की संरचना तैयार करने में बहुत मदद मिलती है। मैंने मुदित जैन सर की पुस्तक 'डिकोड एथिक्स' से पढ़ाई की।

‘मूल्यों’ और उदाहरणों के लिए मैंने एक टेबल-आधारित दृष्टिकोण अपनाया (जो श्रेयांस कुमार, IAS 2019 से प्रेरित था)। मैंने उद्धरणों, श्लोकों, कीवर्ड्स, सामान्य उदाहरणों, विचारकों और दार्शनिकों के भी नोट्स बनाए (जयंत नाहटा, IAS 2020 का अनुसरण करते हुए)। केस स्टडीज के लिए, मैंने विषयगत प्रश्नों को हल करने के लिए अपने खुद के टेम्पलेट विकसित किए।

मेरे GS-IV की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर लेखन था। मैंने 2022 में अपने पहले मुख्य परीक्षा प्रयास के दौरान और फिर 2025 में रोज़ाना उत्तर लिखे। अपनी गलतियों को पहचानने और और अधिक सुधार करने के लिए मैंने एक ही उत्तर को दो बार फिर से लिखा।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपने साक्षात्कार (इंटरव्यू) की तैयारी कैसे की? किस प्रकार के प्रश्न पूछे गए थे? क्या आपने उन सभी के उत्तर दिए? क्या कोई ऐसा विशिष्ट क्षेत्र था जिस पर बोर्ड ने अधिक जोर दिया?

साक्षी: विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) की तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि की। यह आपकी गंभीरता और ईमानदारी को दर्शाता है। आत्म-निरीक्षण से व्यवहार विश्लेषण में मदद मिलती है, जिससे व्यक्ति अपनी ताकतों और कमजोरियों को समझ सकता है और व्यक्तित्व विकास पर काम कर सकता है। मैंने सहपाठियों के साथ चर्चा और मॉक इंटरव्यू में भाग लिया, जिससे मुझे एक समग्र दृष्टिकोण मिला।

मॉक इंटरव्यू ने उत्तरों को संरचित (structure) करने में सहायता की। एक सिविल सेवक से यह अपेक्षा की जाती है कि वह तर्क, व्यावहारिकता और सामान्य बोध के साथ जवाब दे। दबाव में सही लहजा बनाए रखना और शांत रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मैंने चार साक्षात्कार दिए। प्रश्न मेरे जन्मस्थान, स्कूल, राज्य, मेरी तकनीकी पृष्ठभूमि, नौकरी, महिलाओं से संबंधित मुद्दों, हथकरघा क्षेत्र, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े थे। सभी प्रश्नों का उत्तर देना न तो संभव है और न ही आवश्यक है। आपके ज्ञान का परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। साक्षात्कार में सत्यनिष्ठा, मानसिक शक्ति, शांति और सोचने की गहराई जैसे व्यक्तित्व लक्षणों का आकलन किया जाता है। यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर नहीं पता है, तो घुमा-फिरा कर गोलमोल जवाब देने के बजाय उसे स्वीकार कर लेना बेहतर है।

प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए बुकलिस्ट/संसाधन

प्रारंभिक परीक्षा:

  • राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत
  • इतिहास: कक्षा 8वीं, 11वीं और 12वीं की NCERT, स्पेक्ट्रम
  • टॉपर्स नोट्स: शुभम अग्रवाल (AIR 25, 2019), महक जैन (AIR 17, 2021) और कनिष्क कटारिया (AIR 1, 2018)
  • अर्थव्यवस्था: एनसीईआरटी (माइक्रो), मृणाल सर, विवेक सिंह की '500 MCQs', विषयवार वेब सर्च, आर्थिक सर्वेक्षण और बजट।
  • भूगोल: 11वीं और 12वीं कक्षा की NCERT, अवधारणाओं को समझने के लिए रजतनील सोलंकी मैम के यूट्यूब वीडियो, मैपिंग के लिए सुदर्शन सर, कुछ विषयों के लिए PMF IAS की वेबसाइट।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी: PW की ‘उड़ान’ और करंट अफेयर्स
  • पर्यावरण: 12वीं कक्षा की एनसीईआरटी, यूट्यूब पर रोमन सैनी सर के वीडियो, शंकर IAS, 'द कोर IAS' (अमित सर के नोट्स), सुदर्शन सर (मैपिंग के लिए) और किसी एक स्रोत (जैसे शून्य IAS या विज़न IAS) से करंट अफेयर्स।

मुख्य परीक्षा:

  • GS-I: इतिहास (प्रारंभिक परीक्षा के स्रोत के साथ P और M का विभाजन), भूगोल (जयंत नाहटा सर के नोट्स), समाज (जयंत नाहटा सर के नोट्स)
  • GS-II: राजव्यवस्था ('प्रहार' और PYQ आधारित नोट्स), शासन (विज़न IAS), अंतरराष्ट्रीय संबंध (देश-वार और समूह-वार नोट्स और मेन्स 365)
  • GS-III: अर्थव्यवस्था एवं कृषि (डेटा और उदाहरणों के साथ विषयवार नोट्स, आर्थिक सर्वेक्षण), पर्यावरण एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी (मेन्स 365), आपदा प्रबंधन (रवि जैन सर के नोट्स), आंतरिक सुरक्षा (कनिष्क कटारिया सर के नोट्स और जेमिनी AI)
  • डेटा स्रोत: सरकार की '11 इयर्स एट ए ग्लांस'
  • अखबार: द हिंदू (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए); इंडियन एक्सप्रेस, मिंट और इकोनॉमिक टाइम्स (साक्षात्कार के लिए)।
  • वैकल्पिक विषय (वाणिज्य और लेखाविधि): रैंकर्स क्लासेस का स्टडी मटेरियल और मेरे खुद के CA-IPCC की अध्ययन सामग्री। [पेपर 1 - स्वयं के नोट्स तथा पेपर 2 - शुभम अग्रवाल सर के नोट्स]।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: हमारे साथ अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा करने के लिए धन्यवाद। आपको एक सफल और उत्कृष्ट प्रशासनिक करियर के लिए शुभकामनाएं...।