Interview - दीक्षा राय

दीक्षा राय

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025

(All India Rank - 40AIR)

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपकी सफलता पर सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल की ओर से आपको हार्दिक बधाई। आप इसके बारे में कैसा महसूस कर रही हैं?

दीक्षा: बहुत-बहुत धन्यवाद। यह मेरे लिए एक लंबी यात्रा रही है, क्योंकि यह मेरा पाँचवाँ प्रयास था। मैं अपने मैं अपने पेशेवर जीवन के नए अध्याय को लेकर बेहदउत्साहित हूँ।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपको आईएएस अधिकारी बनने के लिए किसने प्रेरित किया?

दीक्षा: मुझे आईएएस अधिकारी बनने की प्रेरणा सबसे पहले अपने पिता से मिली, जिन्होंने हमेशा मुझे ऐसा करियर चुनने के लिए प्रेरित किया, जिसके माध्यम से मैं समाज और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकूँ। समय के साथ यह प्रेरणा सार्वजनिक सेवा के प्रति मेरी गहरी प्रतिबद्धता और उद्देश्य की भावना में बदल गई। मुझे महसूस हुआ कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से मैं न केवल लोगों की समस्याओं को समझ सकती हूँ, बल्कि उनके समाधान में भी सार्थक योगदान दे सकती हूँ।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं? आपकी तैयारी में परिवार, शिक्षकों और दोस्तों की क्या भूमिका रही?

दीक्षा: मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाइयों और करीबी दोस्तों को देती हूँ, जो इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा में मेरे साथ खड़े रहे। इस तैयारी में परिवार और दोस्तों की भूमिका अमूल्य है—उन्होंने कठिन समय के दौरान भावनात्मक समर्थन, निरंतर प्रेरणा और स्थिरता की भावना प्रदान की, जिससे व्यक्ति को केंद्रित और लचीला बने रहने में मदद मिलती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : सामान्य अध्ययन , प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए? क्या आपने दोनों की तैयारी एकीकृत (Integrated) की थी या अलग-अलग?

दीक्षा: मैंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया क्योंकि दोनों के बीच काफी समानता (overlap) है, अंतर केवल दृष्टिकोण (Approach) का है। हालांकि, प्रारंभिक परीक्षा से लगभग तीन महीने पहले मैंने अपना पूरा ध्यान उसपर केंद्रित कर दिया था। प्रारंभिक परीक्षा के लिए रिवीजन और MCQ (विशेषकर पिछले वर्षों के प्रश्न - PYQs) का अभ्यास करना अनिवार्य है। परीक्षा के माहौल में प्रश्न हल करने की आदत डालने के लिए परीक्षा से पहले 15-20 मॉक पेपर हल करने चाहिए।

मुख्य परीक्षा के लिए, इस प्रयास में मैंने अपनी अध्ययन सामग्री को सीमित रखा और रिवीजन, PYQs पर विचार-मंथन (brainstorming) और उत्तर लेखन के अभ्यास पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। मुझे विभिन्न संस्थानों की मेन्स टेस्ट सीरीज़ के मॉडल उत्तर अपनी सामग्री को समृद्ध करने और अभ्यास के लिए अच्छे लगे। टॉपर्स की उत्तर पुस्तिकाओं और निबंधों को पढ़ने से मुझे अपने उत्तर लेखन कौशल को निखारने में मदद मिली।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : क्या आपने नोट्स बनाए थे? नोट्स कितने सहायक होते हैं? नोट्स बनाने पर आपकी क्या सलाह है?

दीक्षा: नोट्स सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। मैंने डिजिटल और फिजिकल दोनों प्रारूपों में नोट्स तैयार किए, हालांकि मैं व्यक्तिगत रूप से हाथ से लिखे नोट्स को प्राथमिकता देती थी। नोट्स रिवीजन और सामग्री को समेकित करने में मदद करते हैं। परीक्षा से ठीक पहले, विशेष रूप से मुख्य परीक्षा के लिए, संक्षिप्त और स्पष्ट (Short and Crisp) नोट्स बहुत उपयोगी होते हैं। मेरी सलाह होगी कि नोट्स को संक्षिप्त, व्यवस्थित रखें और उन्हें समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) के साथ अपडेट करते रहें। नृविज्ञान (Anthropology) में, यदि आपको सूट करे तो आप प्रश्न-उत्तर (Q&A) प्रारूप में भी नोट्स बना सकते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपका वैकल्पिक विषय (Optional) क्या था? इसे चुनने का आधार क्या था? वैकल्पिक विषय की तैयारी के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

दीक्षा: मेरा वैकल्पिक विषय नृविज्ञान (Anthropology) था। मैंने इसे विषय में अपनी रुचि और पर्याप्त अध्ययन सामग्री की उपलब्धता के आधार पर चुना था। वैकल्पिक विषय का चयन पाठ्यक्रम, पिछले वर्षों के प्रश्नों, मार्गदर्शन की उपलब्धता और अपनी रुचि को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।

चूंकि मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इसके लिए गहरी समझ और वैचारिक स्पष्टता की आवश्यकता होती है। पाठ्यक्रम से शुरुआत करें, मानक स्रोतों का संदर्भ लें और टॉपर्स के नोट्स व कॉपियों के साथ अपनी तैयारी को पूरक बनाएं। वैकल्पिक विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए नियमित उत्तर लेखन अभ्यास अपरिहार्य है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : एथिक्स (GS पेपर-IV) के लिए आपकी रणनीति और तैयारी क्या थी?

दीक्षा: एथिक्स के लिए, मैंने बुनियादी समझ हेतु अतुल गर्ग सर की पुस्तक और दी लेक्सिकन की मदद ली और फिर पाठ्यक्रम और PYQs के आधार पर अपने स्वयं के नोट्स तैयार किए। मैंने टॉपर्स की कॉपियों और समाचार पत्रों सहित विभिन्न स्रोतों से उदाहरण और केस स्टडीज एकत्र किए। चूंकि एथिक्स का पेपर लंबा होता है, इसलिए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉक टेस्ट बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : निबंध (Essay) के पेपर के लिए अपनी तैयारी के बारे में कुछ बताएं।

दीक्षा: निबंध मुख्य परीक्षा के सबसे महत्वपूर्ण पेपरों में से एक है, हालांकि अक्सर इसकी उपेक्षा की जाती है। मेरी तैयारी में मुख्य रूप से टॉपर्स के निबंध, एथिक्स के नोट्स और ऑनलाइन स्रोत शामिल थे। मैं ऐसी कहानियाँ, उपाख्यान (Anecdotes) और उदाहरण एकत्र करती थी जो निबंध को अधिक आकर्षक और प्रभावशाली बना सकें।

मेरी राय में, विषय की सही व्याख्या के साथ सरल और सुव्यवस्थित निबंध अच्छे अंक दिलाते हैं। मैंने निबंध में निरंतरता और प्रवाह बनाए रखते हुए विषय के विभिन्न आयामों को तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया। पिछले वर्षों के निबंध प्रश्न पत्रों का अभ्यास करना भी बहुत मददगार रहा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: परीक्षा में आपकी लेखन शैली (Writing Style) क्या थी? यह सामान्य लेखन से कैसे भिन्न थी? आपने इसे कैसे विकसित किया?

दीक्षा: मैं आम तौर पर स्पष्ट उपशीर्षक (Subheadings) और सब-पॉइंट्स के साथ बिंदुओं (Points) में लिखना पसंद करती थी। मैंने जहाँ भी प्रासंगिक लगा, मानचित्र, चित्र (Diagrams) और फ्लोचार्ट भी शामिल किए। सामान्य अध्ययन के पेपर में, मेरा ध्यान प्रश्न के विभिन्न पहलुओं को कवर करने पर था। मैंने उदाहरणों, समितियों की सिफारिशों, रिपोर्टों और निर्णयों (Judgments) के साथ उत्तरों को समृद्ध करने का प्रयास किया। मैंने निरंतर अभ्यास और विचार-मंथन के माध्यम से यह लेखन शैली विकसित की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपने साक्षात्कार (Interview) की तैयारी कैसे की? किस तरह के प्रश्न पूछे गए? क्या कोई विशेष क्षेत्र था जिस पर बोर्ड ने ध्यान केंद्रित किया?

दीक्षा: मैंने अपने डीएएफ (DAF - Detailed Application Form) में बताए गए कीवर्ड्स और नियमित रूप से करेंट अफेयर्स को फॉलो करके अपनी साक्षात्कार की तैयारी शुरू की। अपनी अभिव्यक्ति (Articulation) और राय बनाने की क्षमता में सुधार करने के लिए, मैंने दोस्तों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मॉक इंटरव्यू से भी काफी लाभ हुआ । मेरे साक्षात्कार में प्रश्न मुख्य रूप से मेरे डीएएफ पर आधारित थे, हालांकि कुछ दार्शनिक और राय-आधारित प्रश्न भी पूछे गए थे।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : सिविल सेवा की तैयारी में कोचिंग का क्या महत्व है?

दीक्षा: कोचिंग उन छात्रों के लिए मददगार हो सकती है जो मार्गदर्शन और दिशा की तलाश में हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह बिल्कुल अनिवार्य है। आज, ऑनलाइन पर्याप्त सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध है। व्यक्ति को संसाधनों को सीमित करने और उनसे अधिकतम आउटपुट प्राप्त करने में स्मार्ट होना चाहिए। अंततः, स्वाध्याय (Self-study), निरंतरता और स्मार्ट मेहनत ही इस परीक्षा के सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपकी सफलता में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' की क्या भूमिका है?

दीक्षा: सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल पत्रिका उन प्रारंभिक स्रोतों में से एक थी जिसके माध्यम से मैंने सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया के बारे में जाना। मैं पत्रिका में प्रकाशित टॉपर्स के साक्षात्कार पढ़ती थी, जिससे मुझे इस परीक्षा की मांग और प्रकृति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपकी तैयारी के स्रोत क्या थे? आपने किन पुस्तकों, पत्रिकाओं, समाचार पत्रों और ऑनलाइन स्रोतों का उपयोग किया?

दीक्षा: मैंने मुख्य रूप से मानक पुस्तकों, एनसीईआरटी (NCERT), करंट अफेयर्स पत्रिकाओं, समाचार पत्रों और अपने स्वयं के नोट्स पर भरोसा किया। मैंने मूल्यवर्धन (Value addition) के लिए टॉपर्स की कॉपियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी संदर्भ लिया। पिछले वर्षों के प्रश्न और पाठ्यक्रम मेरी तैयारी के मुख्य आधार रहे।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : प्रीलिम्स, जीएस, सीसैट और मेन्स (पेपर I-IV) और निबंध के लिए आप किन पुस्तकों का सुझाव देंगी?

दीक्षा:

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims):

  • इतिहास: नई एनसीईआरटी (कक्षा 9-12), तमिलनाडु बोर्ड की इतिहास की पुस्तकें, आधुनिक इतिहास के लिए स्पेक्ट्रम।
  • भूगोल: एनसीईआरटी (कक्षा 6-12), PMF IAS सामग्री
  • अर्थव्यवस्था: विवेक सिंह सर की पुस्तक
  • राजव्यवस्था: एम. लक्ष्मीकांत
  • पर्यावरण: शंकर आईएएस की पुस्तक
  • करेंट अफेयर्स: समाचार पत्र और मासिक पत्रिकाएँ
  • सीसैट (CSAT): PYQ अभ्यास और यूट्यूब लेक्चर

मुख्य परीक्षा (Mains):

  • GS पेपर I: कला और संस्कृति (नितिन सिंघानिया सर की पुस्तक), विश्व इतिहास (टॉपर्स नोट्स), समाज और भूगोल (ऋषिकेश रेड्डी सर के नोट्स)।
  • GS पेपर II: राजव्यवस्था और शासन के लिए विजन VAM, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए करंट अफेयर्स।
  • GS पेपर III: विजन VAM, करंट अफेयर्स और टॉपर्स के नोट्स।
  • निबंध और एथिक्स: जैसा कि ऊपर बताया गया है।
  • सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : वैकल्पिक विषय (नृविज्ञान) पेपर I और II के लिए आप किन पुस्तकों का सुझाव देंगी?

दीक्षा:

  • पेपर I: एम्बर एंड एम्बर, विवेक भस्मे सर की 'एन्थ्रोपोलॉजी सिंपलीफाइड', अक्षत जैन सर की 'एन्थ्रोपोलॉजी डिमिस्टिफाइड', इग्नू (IGNOU) एमए सामग्री, ईपीजी पाठशाला, भौतिक नृविज्ञान के लिए पी. नाथ।
  • पेपर II: नदीम हसनैन की 'ट्राइबल एन्थ्रोपोलॉजी' और 'इंडियन एन्थ्रोपोलॉजी', 'मैं भी भारत' सीरीज, ज़ाक्सा समिति की रिपोर्ट, और समसामयिक उदाहरणों के लिए इंटरनेट स्रोत।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : अपनी प्रेरक यात्रा हमारे साथ साझा करने के लिए धन्यवाद; हम आपको एक आईएएस अधिकारी के रूप में राष्ट्र की सेवा करने के लिए आपके करियर की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

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