उत्कर्ष यादव

उत्कर्ष यादव

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025

(All India Rank - 32AIR)

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: आपकी सफलता के लिए 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' की ओर से आपको हार्दिक बधाई। आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

उत्कर्ष: इन शुभकामनाओं के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं इस बात से बहुत खुश हूँ कि परीक्षा का यह लंबा चक्र आखिरकार समाप्त हो गया है और मैं सिविल सेवा में अपनी यात्रा शुरू करने के लिए उत्सुक हूँ।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: आईएएस अधिकारी बनने के लिए आपकी प्रेरणा क्या थी? आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देते हैं? आपकी तैयारी और सफलता में आपके परिवार और अन्य लोगों (शिक्षकों, मित्रों) की क्या भूमिका रही?

उत्कर्ष: सिविल सेवा में शामिल होने की मेरी प्रेरणा मेरे परिवार, मेरे मूल स्थान और अपनी यात्रा के दौरान हुए विभिन्न अनुभवों जैसे कई कारकों के संचय से आई है। इन सभी कारकों के कुल योग ने ही मुझे एक सिविल सेवक बनने और जनता के लिए काम करने के विचार की ओर अग्रसर किया।

मैं इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, ईश्वर, अपने शिक्षकों और अपने दोस्तों को देता हूँ, जो पूरी यात्रा के दौरान मेरे लिए एक मजबूत सहारा (support system) बने रहे। उन्होंने मेरे कठिन समय में मेरा साथ दिया और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। उन्होंने हमेशा मुझमें यह विश्वास जगाया कि मैं यह कर सकता हूँ। उनकी उपस्थिति ने मुझे बाहरी दबावों या अन्य विकर्षणों की चिंता किए बिना अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने का सुकून और सुरक्षा प्रदान की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: सामान्य अध्ययन (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए? क्या आपने अपनी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी को एकीकृत (integrated) रखा था या वे अलग-अलग थीं?

उत्कर्ष: प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए जीएस (GS) तैयार करने की रणनीति तीन चरणों वाली होनी चाहिए। सबसे पहले, प्रश्नपत्र के पैटर्न को समझने के लिए पाठ्यक्रम और पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQ) के रुझानों का अध्ययन करना चाहिए। दूसरा, भटकाव से बचने के लिए अपनी अध्ययन सामग्री को सीमित और निश्चित रखें । तीसरा, पूरी सामग्री को कवर करने के साथ-साथ टेस्ट और निरंतर रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए।

मैंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की एकीकृत (Integrated) तैयारी की थी और दोनों के लिए आधारभूत ( Basic) सामान्य स्रोतों का उपयोग किया। हालाँकि, परीक्षा के प्रत्येक चरण की मांग और आयोग द्वारा दिए गए पाठ्यक्रम के आधार पर कुछ विशिष्ट तैयारी की भी आवश्यकता होती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: आपने प्रत्येक चरण—प्रारंभिक, मुख्य, साक्षात्कार और वैकल्पिक विषय के लिए कितना समय दिया? आपने प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं के लिए अपना समय कैसे प्रबंधित किया?

उत्कर्ष: मैंने प्रारंभिक परीक्षा की समर्पित तैयारी के लिए लगभग चार महीने और मुख्य परीक्षा के लिए लगभग तीन महीने दिए। मेरे वैकल्पिक विषय की तैयारी लगभग छह महीने तक चली और साक्षात्कार की तैयारी के लिए मैंने करीब एक महीना दिया।

समय प्रबंधन के लिए मैंने एक 'टारगेटेड अप्रोच' अपनाई, जहाँ मैंने हर दिन, सप्ताह और महीने के लिए सूक्ष्म लक्ष्य (micro targets) तय किए। मैंने अपने अध्ययन और रिवीजन के लक्ष्यों को इस तरह नियोजित किया कि मेरे पास उन्हें पूरा करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय (buffer) रहे। प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के दौरान, मैंने प्रश्न हल करने और उत्तर लेखन के लिए विशिष्ट समय निर्धारित किया था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : क्या आपने नोट्स तैयार किए थे? वे कितने सहायक होते हैं, और नोट्स बनाने पर आपकी क्या सलाह है?

उत्कर्ष: जी हाँ, मेरी पूरी तैयारी नोट्स बनाने पर ही केंद्रित थी। नोट्स ने मुझे पूरे पाठ्यक्रम को कुशलतापूर्वक कवर करने में मदद की और नोट्स बनाने में लगे कई चरणों (multiple rounds) के कारण मुझे सामग्री को याद रखने में भी आसानी हुई।

नोट्स बनाने के संबंध में मेरी सलाह है कि इसे कई चरणों में करें। सबसे पहले, सामग्री को विस्तार से कवर करें और फिर धीरे-धीरे नोट्स को संक्षिप्त करना शुरू करें। प्रत्येक रिवीजन के साथ, उन बातों को हटाते जाएं जो आपको याद हो चुकी हैं और एक छोटा संस्करण तैयार करें। इस बहु-चरणीय प्रक्रिया से आपके पास अंत में पूरी सामग्री के अत्यंत सटीक और संक्षिप्त नोट्स तैयार हो जाएंगे।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसे चुनने का आधार क्या था? इसकी तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

उत्कर्ष: मेरा वैकल्पिक विषय भूगोल (Geography) था। इसे चुनने का मुख्य आधार यह था कि स्नातक में मेरा यही विषय था और मुझे इसकी अच्छी समझ थी। मैं इस विषय को पढ़ने में सहज महसूस करता था और जानकारी को प्रभावी ढंग से आत्मसात कर पाता था।

वैकल्पिक विषय की तैयारी के लिए सबसे पहले आधारभूत स्रोतों से पाठ्यक्रम पूरा करना चाहिए। एक बार नोट्स तैयार हो जाने के बाद, पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का अभ्यास करना चाहिए और विभिन्न स्रोतों तथा एआई (AI) जैसी तकनीक के माध्यम से सामग्री में 'वैल्यू एडिशन' करना चाहिए। इसके बाद, उत्तर लेखन और टेस्ट सीरीज पर ध्यान देना चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: एथिक्स (पेपर-IV) के लिए आपकी तैयारी की रणनीति और बुकलिस्ट क्या थी?

उत्कर्ष: एथिक्स पेपर-IV के लिए मेरी रणनीति 'कीवर्ड-केंद्रित' (keyword-centric) थी। मैंने पाठ्यक्रम (सिलेबस) में दिए गए सभी कीवर्ड्स को लिया और उन पर व्यक्तिगत नोट्स तैयार किए। इसके बाद, मैंने वास्तविक जीवन के उदाहरणों और एआई (AI) की मदद से अपनी सामग्री को समृद्ध (value addition) किया। केस स्टडीज के लिए, मैंने टॉपर्स की उत्तर पुस्तिकाओं का अध्ययन किया और केस स्टडीज के कुछ व्यापक विषयों (broad themes) को पहले से तैयार कर लिया था। मैंने किसी विशेष पुस्तक का सहारा नहीं लिया, बल्कि ऑनलाइन संसाधनों का भरपूर उपयोग किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : निबंध पेपर के लिए अपनी तैयारी के बारे में बताएं।

उत्कर्ष: निबंध की मेरी तैयारी मुख्य रूप से स्वाभाविक प्रवाह और अभिव्यक्ति बनाए रखने पर टिकी थी। मैंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण किया और विषयों को विभिन्न श्रेणियों (themes) में विभाजित किया। फिर मैंने टॉपर्स की निबंध कॉपियों को पढ़ा ताकि उनके तौर-तरीकों को समझ सकूँ और एआई तथा टॉपर्स के नोट्स का उपयोग करके समृद्ध सामग्री तैयार की। मैं वास्तव में निबंध लिखने से पहले विषय पर 'ब्रेनस्टॉर्मिंग' (मंथन) करने और पैराग्राफों को आपस में जोड़ने के लिए 'कनेक्टर्स' के उपयोग पर काफी ध्यान देता था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : परीक्षा में आपके लिखने की शैली क्या थी? यह सामान्य लेखन शैली से किस प्रकार भिन्न थी? आपने इसे कैसे विकसित किया?

उत्कर्ष: मेरी लेखन शैली मुख्य रूप से सभी उत्तरों में एक निश्चित ढांचे (fixed structure) का पालन करने के इर्द-गिर्द घूमती थी। मैंने उत्तर लेखन के लिए एक चेकलिस्ट बनाई थी, जिसमें प्रस्तावना, निष्कर्ष, उप-शीर्षकों के माध्यम से प्रश्न की मांग को पूरा करना और उचित आरेख (diagrams) एवं रेखाचित्र (schematics) शामिल करना अनिवार्य था। मैं प्रत्येक प्रश्न में इसी चेकलिस्ट पर टिका रहा। मैंने निश्चित समय सीमा में पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास करके और निरंतर स्व-मूल्यांकन (self-evaluation) के माध्यम से इस शैली को विकसित किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपने साक्षात्कार की तैयारी कैसे की? किस प्रकार के प्रश्न पूछे गए थे? क्या आपने उन सभी के जवाब दिए? क्या कोई ऐसा विशिष्ट क्षेत्र था जिस पर बोर्ड ने जोर दिया?

उत्कर्ष: साक्षात्कार के लिए, मैंने अपने डैफ (DAF - Detailed Application Form) का बहुत गहराई से अध्ययन किया और एआई की मदद से तकनीकी शब्दों को तैयार किया। मैंने प्रश्नावली तैयार करने और उनके उत्तर देने के अभ्यास के लिए एआई टूल्स का उपयोग किया। मेने अपने साक्षात्कार का अभ्यास अपने साथियों के साथ किया, जिसमें कई 'वन-टू-वन' सत्र और कुछ मॉक इंटरव्यू शामिल थे। मैंने साक्षात्कार के दौरान शांत रहने और उत्तर देने से पहले उचित ठहराव (pause) लेने के लिए 'ब्रीदिंग तकनीक' का भी अभ्यास किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: सिविल सेवा की तैयारी में कोचिंग का क्या महत्व है?

उत्कर्ष: हालाँकि मैंने कहीं भी जीएस (GS) का फाउंडेशन कोर्स नहीं किया, लेकिन मेरा मानना है कि कोचिंग संस्थान संक्षिप्त अध्ययन सामग्री प्रदान करने में सहायक होते हैं। वहां के शिक्षक विषयों को समझने और छात्रों का उचित मार्गदर्शन करने में मदद करते हैं। सही मार्गदर्शन और संसाधनों के उपयोग से कोई भी अपनी तैयारी को सुव्यवस्थित (streamline) कर सकता है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपकी सफलता में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' की क्या भूमिका रही?

उत्कर्ष: सिविल सेवा परीक्षा के क्षेत्र में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' की एक लंबी और गौरवशाली विरासत रही है। यह अपनी विश्वसनीय और प्रामाणिक सामग्री के माध्यम से निरंतर अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रही है। इसके नियमित संस्करणों ने परीक्षा की तैयारी, विशेष रूप से समसामयिक विषयों (Current Affairs) में मेरी काफी मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :आपकी तैयारी के प्राथमिक स्रोत क्या थे? आपने किन पुस्तकों, पत्रिकाओं, समाचार पत्रों और ऑनलाइन स्रोतों का उपयोग किया?

उत्कर्ष: मेरी तैयारी के स्रोत बहुत सीमित थे। मैंने मुख्य रूप से एनसीईआरटी (NCERTs) और संविधान के 'बेयर एक्ट' जैसे प्रामाणिक स्रोतों पर भरोसा किया। इनके अलावा, मैंने टॉपर्स के नोट्स, करेंट अफेयर्स संकलन और भारी-भरकम किताबों को संक्षिप्त करने के लिए एआई (AI) टूल्स का उपयोग किया। जीएस के लिए मैंने टॉपिक-वार नोट्स बनाए और वैकल्पिक विषय के लिए फाउंडेशन नोट्स को आधार बनाकर उनमें 'वैल्यू एडिशन' किया। साथ ही, टॉपर्स की कॉपियों ने भी मेरी बहुत मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल :: हम आपके समय और इस साक्षात्कार के माध्यम से हमारे मूल्यवान पाठकों के साथ साझा किए गए आपके ज्ञान के लिए गहराई से आभारी हैं। हम भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में आपके उज्ज्वल और शानदार करियर की कामना करते हैं।