सुरभि यादव

सुरभि यादव

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025

(All India Rank - 1 4AIR)

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : आपकी सफलता पर 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' की ओर से आपको हार्दिक बधाई। आप कैसा महसूस कर रही हैं?

सुरभि: यह एक अवास्तविक (surreal) एहसास है और अंततः राहत का क्षण है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आईएएस अधिकारी बनने की प्रेरणा आपको किनसे मिली ? आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं? आपकी तैयारी और सफलता में आपके परिवार और अन्य लोगों (शिक्षकों, मित्रों) की क्या भूमिका रही?

सुरभि: मेरे माता-पिता मेरी प्रेरणा थे; उनकी कड़ी मेहनत और मेरी सफलता के लिए उनके सपनों ने मुझे पूरी यात्रा के दौरान प्रेरित रखा। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और उन दोस्तों को देती हूँ जिन्होंने इस पूरी यात्रा में मुझ पर विश्वास बनाए रखा। उन्होंने मुझे मेरे लक्ष्य पर केंद्रित रखा। आपके आस-पास के लोग आपकी यात्रा को मंजिल तक पहुंचाते हैं; मेरे लिए, उन्होंने मेरे कठिन समय में मेरा हौसला बढ़ाया। यूपीएससी केवल मानसिक श्रम की परीक्षा नहीं है; इसमें बहुत अधिक भावनात्मक बुद्धिमत्ता (emotional intelligence) की भी आवश्यकता होती है, और सही लोगों का साथ होने से आपको इन भावनाओं को प्रभावी ढंग से संभालने में मदद मिलती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: सामान्य अध्ययन (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) की तैयारी के लिए किस रणनीति का पालन करना चाहिए? क्या आपने अपनी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी को एकीकृत (integrated) किया था, या अलग-अलग की थीं?

सुरभि: प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए, सबसे पहले पाठ्यक्रम को पढ़ने पर ध्यान देना चाहिए, फिर परीक्षा पास करने वाले सफल उम्मीदवारों द्वारा बताए गए आधारभूत अध्ययन सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्हें अच्छी तरह से दोहराएं और विषयों की सीमाएं तय करने तथा अपनी तैयारी की कमियों को दूर करने के लिए विगत वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) को हल करें। मेरी रणनीति में एकीकरण (integration) और पृथक्करण (separation) दोनों शामिल थे—कुछ विषय प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों दृष्टिकोण से उपयोगी होते हैं, लेकिन अन्य विषय, जैसे 'आंतरिक सुरक्षा' (Internal Security), केवल मुख्य परीक्षा के लिए उपयोगी होते हैं। इसलिए, दिसंबर या जनवरी तक मुख्य परीक्षा के अध्ययन पर विशेषरूप से ध्यान देने की आवश्यकता है और फिर फरवरी के बाद से प्रारंभिक परीक्षा के अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपने प्रत्येक चरण—प्रारंभिक (Prelims), मुख्य (Mains), साक्षात्कार (Interview) और वैकल्पिक विषय (Optional)—के लिए कितना समय दिया? आपने प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं के लिए अपने समय का प्रबंधन कैसे किया?

सुरभि: इस परीक्षा के साथ मेरा सफर काफी लंबा रहा है, इसलिए मेरी स्थिति एक "आदर्श" समय-सीमा से काफी अलग है। हालाँकि, सामान्य तौर पर, किसी को भी दिसंबर तक अपने वैकल्पिक विषय और जीएस (GS) पेपर को एक बार पढ़ना और नोट्स बनाने का काम पूरा कर लेना चाहिए। जनवरी से परीक्षा होने तक पूरा ध्यान प्रारंभिक परीक्षा पर होना चाहिए। फिर, प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद, पूरी तरह से मुख्य परीक्षा ('मेन्स मोड') में लग जाना चाहिए। साक्षात्कार की तैयारी मुख्य परीक्षा खत्म होने के बाद की जा सकती है; उसी समय आप अपने विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) पर काम करना शुरू कर सकते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल : क्या आपने नोट्स तैयार किए थे? वे कितने मददगार होते हैं, और नोट्स बनाने पर आपकी क्या सलाह है?

सुरभि: मैंने विशेष रूप से मुख्य परीक्षा के लिए हस्तलिखित (handwritten) नोट्स बनाए थे। , प्रारंभिक परीक्षा के लिए मेरे पास वैसे कोई शॉर्ट नोट्स नहीं थे। मुख्य परीक्षा में नोट्स कुशलतापूर्वक रिवीजन करने में मदद करते हैं। मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्ट नोट्स—चाहे लिखित हों या डिजिटल—निश्चित रूप से बनाने चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसे चुनने का आधार क्या था? इसकी तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

सुरभि: मेरा वैकल्पिक विषय इतिहास (History) था। मेरी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने मुझे इसके चयन में मदद की, क्योंकि मैंने इतिहास में ही अपनी स्नातक (Graduation) और स्नातकोत्तर (Post-graduation) की पढ़ाई पूरी की है। किसी भी वैकल्पिक विषय के लिए, व्यक्ति को पाठ्यक्रम (Syllabus) की पूरी समझ होनी चाहिए, उसमें दिए गए हर टॉपिक और सब-टॉपिक पर नोट्स बनाने चाहिए, और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) को हल करना चाहिए कि वह विषय पूरी तरह से कवर हो गया है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: नीतिशास्त्र (एथिक्स - पेपर IV) के लिए आपकी तैयारी की रणनीति और बुकलिस्ट क्या थी?

सुरभि: मैंने विभिन्न टेलीग्राम चैनलों पर उपलब्ध पिछले वर्षों के टॉपर्स के नोट्स देखे और फिर उन्हें आधार सामग्री (Base material) के रूप में उपयोग करते हुए अपने नोट्स बनाए। ‘द लेक्सिकन’ का अध्ययन किया , जिससे इस पेपर के सन्दर्भ में मेरी संकल्पना और स्पष्ट हुई ।उसके बाद, पेपर की मांग और संरचना को समझने के लिए मैंने विगत वर्षों के सभी प्रश्न पत्रों (PYQs) के उत्तर लिखे । फिर मैंने अपने उत्तरों में वैल्यू एडिशन करने और अलग-अलग आयाम जोड़ने के लिए समाचार पत्रों से वर्तमान उदाहरणों (Current examples) को शामिल किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल:: निबंध के पेपर की तैयारी आपने कैसे की ?

सुरभि: निबंध के लिए प्रवाह और संरचना पर ध्यान देना चाहिए। आप पिछले वर्षों के निबंधों को लिखने का अभ्यास कर सकते हैं और उनमें पर्याप्त उदाहरण जोड़ सकते हैं। हालाँकि, आपको निबंध के तर्कपूर्ण हिस्से (argumentative part) पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए; यह केवल उदाहरणों का संग्रह मात्र नहीं होना चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल:: परीक्षा में आपकी लेखन शैली क्या थी? यह सामान्य लेखन शैली से किस प्रकार भिन्न थी? आपने इसे कैसे विकसित किया?

सुरभि: मेरी लेखन शैली काफी सरल थी—इसमें कुछ भी असाधारण नहीं था। मैंने बस अपनी सामग्री में वैल्यू एडिशन करने और प्रश्न की विशिष्ट मांग को पूरा करते हुए सटीक बिंदु (crisp points) लिखने पर ध्यान केंद्रित किया। बहुत अधिक विचार-मंथन (brainstorming) और उत्तर-लेखन के अभ्यास ने मुझे इस शैली को विकसित करने में मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपने साक्षात्कार (Interview) की तैयारी कैसे की? किस प्रकार के प्रश्न पूछे गए? क्या आपने उन सभी प्रश्नों के उत्तर दिए? क्या कोई ऐसा विशेष क्षेत्र था जिस पर बोर्ड ने जोर दिया?

सुरभि: साक्षात्कार के लिए, मैंने अपने डैफ (DAF) पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया और विभिन्न प्रविष्टियों के आधार पर प्रश्न तैयार करने के लिए एआई (AI) मॉडल का उपयोग किया। मैंने अपने साथियों (peers) के साथ भी अभ्यास किया। मेरे साक्षात्कार में प्रश्न मुख्य रूप से समसामयिक विषयों और इतिहास पर आधारित थे। मैं उनमें से अधिकांश का उत्तर देने में सक्षम थी। बोर्ड द्वारा अंतरराष्ट्रीय संबंधों (International Relations - IR) से जुड़े प्रश्नों पर काफी जोर दिया गया था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में कोचिंग का क्या महत्व है?

सुरभि: यह एक व्यक्तिगत पसंद है। यदि किसी को लगता है कि उन्हें कुछ विषयों में मार्गदर्शन की आवश्यकता है, तो उन्हें इसके लिए जरूर जाना चाहिए। अन्यथा, अधिकांश संसाधन यूट्यूब और टेलीग्राम पर उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग मार्गदर्शन के लिए किया जा सकता है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपकी सफलता में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' की क्या भूमिका रही?

सुरभि: इसने मुझे अपने समसामयिक विषयों को समेकित करने और पत्रिका में प्रकाशित विशिष्ट विषयों पर अध्ययन सामग्री ने मुख्य परीक्षा (Mains) हेतु मेरी संकल्पना को विकसित करने में मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: : आपकी तैयारी के प्राथमिक स्रोत (Primary sources) क्या थे? आपने किन पुस्तकों, पत्रिकाओं, समाचार पत्रों और ऑनलाइन स्रोतों का उपयोग किया?

सुरभि: मैंने प्रत्येक विषय के लिए आधारभूत अध्ययन सामग्रियों का उपयोग किया, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा के लिए 'पर्यावरण' और 'विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी' के स्टेटिक हिस्सों (static portions) पर विशेष ध्यान दिया। मैंने लगभग हर दिन समाचार पत्र पढ़ा। खबरों में चल रहे विषयों पर नज़र रखने के लिए मैं पीआईबी (PIB) जैसी सरकारी वेबसाइटों का भी अक्सर अध्ययन करती थी। इसके अलावा, मासिक पत्रिकाओं ने विभिन्न विषयों के संकलन (compilation) ने काफी मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: अपनी इस शानदार यात्रा और इतने व्यावहारिक सुझावों को हमारे पाठकों के साथ साझा करने के लिए आपका धन्यवाद। आपकी सफलता निस्संदेह हजारों भावी उम्मीदवारों के लिए एक मार्गदर्शिका (blueprint) और प्रेरणा के एक बड़े स्रोत के रूप में कार्य करेगी।