Interview - राज उज्ज्वल

राज उज्ज्वल

CAPF 2025

(All India Rank - 37AIR)

असफलताओं से सीख, सीमित संसाधन और निरंतर अभ्यास बने सफलता की कुंजी

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: Civil Services Chronicle की ओर से आपकी सफलता पर हार्दिक बधाई। अपने बारे में बताइए।

राज उज्ज्वल: धन्यवाद। मैं झारखंड के देवघर जिले से हूँ। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज (सांध्य) से स्नातक किया है और पिछले लगभग एक वर्ष से कटक, ओडिशा में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय में जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर के रूप में कार्यरत हूँ। मेरी रुचियों में पुस्तकें पढ़ना, शतरंज खेलना, कैलिस्थेनिक्स और नई भाषाएँ सीखना शामिल हैं। इनसे मुझे अनुशासित, अनुकूलनशील और मानसिक रूप से दृढ़ रहने में मदद मिली।

मैं अपनी तीन प्रमुख खूबियाँ जिज्ञासा, अनुशासन और दृढ़ता मानता हूँ। तैयारी के लंबे दौर में इन्हीं गुणों ने मुझे लगातार सीखने और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ते रहने में मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: वर्दीधारी सेवाओं और CAPF की ओर आपका रुझान कैसे विकसित हुआ?

राज उज्ज्वल: NCC के अनुभवों ने मुझे वर्दीधारी सेवाओं की ओर प्रेरित किया। अपनी माँ के गृह-नगर में SSB को करीब से देखने का अनुभव भी इसका एक कारण रहा।

मैंने CDS और AFCAT कई बार पास किए, लेकिन SSB में सफलता नहीं मिली। वर्ष 2023 में पहली बार CAPF परीक्षा दी, लेकिन लिखित परीक्षा नहीं निकाल पाया। CAPF 2024 की लिखित परीक्षा अच्छे अंकों से पास करने के बाद मुझे पहली बार लगा कि यह परीक्षा मेरी पहुँच में है, लेकिन PET में चोट के कारण बाहर हो गया। इसके बाद SSC CGL के माध्यम से JSO बना और अंततः अपने तीसरे CAPF प्रयास में AIR 37 प्राप्त की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: CAPF 2025 की तैयारी का सबसे कठिन दौर कौन-सा था?

राज उज्ज्वल: इस प्रयास के दौरान मेरे पिता ल्यूकेमिया से जूझ रहे थे और उनकी देखभाल की मुख्य जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी। अस्पताल में उनकी देखभाल करते हुए भी मैंने परीक्षा की पुनरावृत्ति जारी रखी।

मेरे माता-पिता, साथी और प्रियजनों के विश्वास ने मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। निराशा के समय मैं अपने पिता के बारे में सोचता था, जिन्होंने हमेशा मेरे सपनों का समर्थन किया। मैंने अपने छोटे उम्र वाले स्वयं के लिए एक नोट भी लिखा था कि वह भविष्य में क्या बनना चाहता है। प्रेरणा कम होने पर उसे पढ़ना मुझे फिर आगे बढ़ने की ऊर्जा देता था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: शुरुआती तैयारी में क्या कमियाँ थीं और आपने उन्हें कैसे सुधारा?

राज उज्ज्वल: शुरुआत में मेरी तैयारी कुछ दिशाहीन थी और मैं अनेक संसाधनों में उलझ गया था। एक अन्य बड़ी समस्या प्रश्नपत्र-II को समय पर पूरा न कर पाना थी। इससे एक प्रयास में मेरे अंक काफी प्रभावित हुए।

इसके बाद मैंने दोस्तों से वास्तविक प्रतिक्रिया ली और निबंध, तर्क तथा रिपोर्ट-लेखन का नियमित अभ्यास शुरू किया। धीरे-धीरे उत्तर लिखने का समय कम किया और साथ ही गुणवत्ता बनाए रखने पर काम किया। तीसरे प्रयास में मैंने सीमित और प्रमाणित स्रोतों तथा अपने नोट्स पर टिके रहने का निर्णय लिया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: आपकी समग्र तैयारी रणनीति क्या थी?

राज उज्ज्वल: मेरी रणनीति के प्रमुख आधार थे- अवधारणात्मक स्पष्टता, मजबूत बुनियादी समझ, नियमित पुनरावृत्ति, PYQ विश्लेषण, प्रतिदिन समाचार-पत्र पढ़ना और समय-सारिणी का लगातार पालन।

मेरी तैयारी को सबसे अधिक प्रभावी बनाने वाली तीन चीजें थीं—निरंतर प्रयास, PYQ विश्लेषण और सीमित संसाधनों पर टिके रहना

मैंने यह भी समझा कि किसी दूसरे अभ्यर्थी की रणनीति की नकल करने के बजाय अपनी परिस्थितियों और कमजोरियों के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: प्रश्नपत्र-I और प्रश्नपत्र-II के लिए आपकी रणनीति क्या रही?

राज उज्ज्वल: प्रश्नपत्र-I में विज्ञान, भूगोल, गणित, राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था जैसे अधिक अंक दिलाने वाले क्षेत्रों की अवधारणाओं को मजबूत किया। इसके बाद PYQs के माध्यम से कमजोर हिस्सों की पहचान की और उनकी बार-बार पुनरावृत्ति की।

प्रश्नपत्र-II में नियमित समाचार-पत्र और क्रॉनिकल की पत्रिका पढ़ने से विषय-वस्तु के साथ उत्तर की संरचना समझने में मदद मिली। निबंध, तर्क और रिपोर्ट का नियमित अभ्यास किया। निबंध लिखने से पहले विचारों पर मंथन करता, उत्तर की रूपरेखा बनाता और फिर लिखता था। धीरे-धीरे लगभग 12 मिनट में निबंध लिखने का लक्ष्य रखा।

संक्षेपण में पूरे गद्यांश को समझकर उसे लगभग एक-तिहाई शब्दों में लिखने का अभ्यास किया। व्याकरण के लिए अवधारणाएँ स्पष्ट कीं और PYQs हल किए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: PYQs और अध्ययन-स्रोतों की क्या भूमिका रही?

राज उज्ज्वल: मैंने CAPF, CDS और CSE सहित विभिन्न परीक्षाओं के 5,000 से अधिक PYQs हल किए। इससे परीक्षा की मांग समझने और कमजोर अवधारणाओं की पहचान करने में मदद मिली।

राजव्यवस्था के लिए एम. लक्ष्मीकांत, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और विज्ञान के लिए कक्षा 6–10 की NCERT का उपयोग किया। गणित में मुख्य रूप से PYQs पर निर्भर रहा।

समसामयिकी के लिए The Hindu, CAPF Hub की ‘TitBits’ और क्रॉनिकल पत्रिका का उपयोग किया। समाचारों को स्थिर विषयों से जोड़कर पढ़ने की कोशिश करता था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: नौकरी के साथ तैयारी कैसे की?

राज उज्ज्वल: कार्यदिवसों में लगभग 3–4 घंटे और सप्ताहांत में 6–8 घंटे की एकाग्र पढ़ाई करता था। सुबह और शाम का समय अध्ययन के लिए तय था। यात्रा के दौरान समाचार-पत्र पढ़ता, अवधारणाओं की पुनरावृत्ति करता और कभी-कभी PYQs हल करता था।

मेरे अनुसार नौकरी करने वाले अभ्यर्थियों को अपने दैनिक कार्यक्रम का बारीकी से विश्लेषण करना चाहिए। एक दिन में बहुत अधिक घंटे पढ़ने के बजाय उपलब्ध समय का लगातार और प्रभावी उपयोग अधिक महत्वपूर्ण है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: साक्षात्कार की तैयारी आपने कैसे की?

राज उज्ज्वल: मैंने विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) का गहराई से विश्लेषण किया और प्रत्येक संभावित प्रश्न के 'क्यो' तक जाने की कोशिश की। गृह-राज्य, शिक्षा, पेशे, रुचियों और समसामयिकी से संबंधित संभावित प्रश्नों की तैयारी के लिए इंटरनेट तथा Gemini और Perplexity जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता साधनों का भी उपयोग किया।

अभ्यास-साक्षात्कारों से वास्तविक बोर्ड जैसा वातावरण मिला। मार्गदर्शकों ने बताया कि मैं थोड़ा तेज बोलता हूँ और स्नातक के मूल विषयों पर दोबारा काम करने की जरूरत है। मैंने दोनों पर काम किया।

यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं पता होता था तो मैं उसे ईमानदारी से स्वीकार करता था। मेरे अनुसार सहायक कमांडेंट के लिए आत्मविश्वास, प्रभावी अभिव्यक्ति और संयम महत्वपूर्ण गुण हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: असफलताओं से मिली सबसे महत्वपूर्ण सीख क्या रही?

राज उज्ज्वल: असफलता को स्वयं को दोष देने के बजाय सीखने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। पिछली असफलताओं ने मुझे विनम्र और दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया। हर व्यक्ति ऐसी लड़ाई लड़ रहा हो सकता है जिसके बारे में हमें जानकारी नहीं होती।

यदि लगातार मेहनत के बावजूद वही गलतियाँ दोहराई जा रही हों तो केवल अधिक मेहनत करने के बजाय रणनीति बदलनी चाहिए। मानसिक दबाव के समय मैंने उन चीजों पर ध्यान दिया जो मेरे नियंत्रण में थीं ‘मेरे प्रयास और मेरी तैयारी’ और बाकी भगवान पर छोड़ दिया। मेरी रुचियों और प्रियजनों से बातचीत ने भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद की।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: अंत में CAPF अभ्यर्थियों को क्या संदेश देना चाहेंगे?

राज उज्ज्वल: अनेक संसाधनों और अधिक कोचिंग नोट्स के पीछे न भागें। सीमित स्रोत चुनें, उनकी बार-बार पुनरावृत्ति करें और PYQ विश्लेषण को तैयारी का स्थायी हिस्सा बनाएँ। शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में जरूर शामिल करें।

वैकल्पिक योजना (Plan B) भी महत्वपूर्ण है। इससे परिणाम की अनिश्चितता से जुड़ी चिंता कम हो सकती है।

यदि मैं तैयारी के पहले दिन पर वापस जा सकूँ तो शायद कुछ नहीं बदलूँगा, क्योंकि इसी यात्रा ने मुझे सीखने और विकसित होने का अवसर दिया। यह यात्रा लंबी हो सकती है, लेकिन इसका आनंद लेना भी सीखें। धन्यवाद!!

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल: ‘The Invisible Helping Hand’ पहल ने आपकी तैयारी में क्या भूमिका निभाई?

राज उज्ज्वल: मैं लगभग तीन महीने श्री राकेश निखज की पहल ‘The Invisible Helping Hand’ से जुड़ा रहा। मेरे मित्र निखिल कुमार (AIR 167, CAPF 2024) ने इसकी सलाह दी थी। यहाँ व्यक्तित्व परीक्षण के लिए मार्गदर्शन, अभ्यास-साक्षात्कार और सहयोगी CAPF अभ्यर्थियों का समुदाय मिला।

इससे साक्षात्कार की बारीकियाँ और मूल्यांकन के मानदंड समझने में मदद मिली। मेरे विचार से यह उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो महँगे संसाधन नहीं जुटा सकते।

राकेश निखज (डिप्टी कमांडेंट CISF)

CAPF अभ्यर्थियों को नि:शुल्क मार्गदर्शन के उद्देश्य से ‘द इनविजिबल हेल्पिंग हैंड’ नाम से गैर लाभकारी संगठन चलाते हैं।


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