खुदरा निवेशकों को सरकारी प्रतिभूति बाजार में सीधे प्रवेश की अनुमति
भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा निवेशकों को सरकारी प्रतिभूति बाजारों (Government Securities Markets) तक सीधे पहुंच प्रदान कर दी है।
- 5 फरवरी, 2021 को इसकी घोषणा करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने इसे ‘प्रमुख संरचनात्मक सुधार’ के रूप में परिभाषित किया है।
मुख्य बिंदु
- खुदरा निवेशकों को रिजर्व बैंक के माध्यम से प्राथमिक और द्वितीयक दोनों तरह की सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार तक सीधे पहुंच प्राप्त होगी।
- अब, खुदरा निवेशक सीधे भारतीय रिजर्व बैंक के साथ गिल्ट अकाउंट (gilt account) खोल सकते हैं, और सरकारी प्रतिभूतियों में व्यापार कर सकते हैं। गिल्ट अकाउंट का उपयोग खरीदी गई सरकारी प्रतिभूतियों को ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल–तमिलनाडु श्वेत पत्र: राज्यों की वित्तीय स्थिति पर बहस
- 2 RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2026
- 3 संप्रभु क्रेडिट रेटिंग पर भारत की आपत्ति
- 4 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026
- 5 CASA जमा में गिरावट: बैंकों के लिए बढ़ती चुनौती
- 6 PLFS–ASUSE 2025: शहरी रोजगार का नया आकलन
- 7 भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC): लागत से नवाचार की ओर
- 8 चीन का हीलियम निर्यात प्रतिबंध: वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर बढ़ता संकट
- 9 CCEA के बड़े फैसले: चिप, मोबाइल और यूरिया पर फोकस
- 10 जून 2026 मुद्रास्फीति रिपोर्ट: महंगाई बढ़ी, लेकिन मांग अब भी कमजोर
- 1 प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण
- 2 राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा
- 3 स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति
- 4 टेलीकॉम क्षेत्र के लिए समान सेवा, समान नियम
- 5 दूरसंचार क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना
- 6 पी-नोट्स के माध्यम से निवेश
- 7 कर्नाटक के मांड्या जिले में लिथियम के भंडार
- 8 न्यायिक निर्णयों के अनपेक्षित आर्थिक परिणाम

