घरेलू श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी अधिनियम
- हाल ही में सर्वाेच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है जिसमें घरेलू श्रमिकों को ‘अनौपचारिक क्षेत्र में भारत के अदृश्य श्रमिकों’ को गरिमा दिलाने हेतु हस्तक्षेप की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और घरेलू श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय मंच के साथ गैर सरकारी संगठन ‘कॉमन कॉज’ द्वारा दायर किया गया है।
याचिका में क्या मांग की गयी है ?
- याचिका में सुप्रीम कोर्ट से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करने को कहा।
- याचिका में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के तहत घरेलू कार्य को मान्यता देने की मांगी ....
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