दस्तावेज पहचान संख्याः डिन
- केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की ‘दस्तावेज पहचान संख्या (Document Identification Number - DIN) प्रणाली’ 8 नवंबर, 2019 से अप्रत्यक्ष कर प्रशासन में लागू हो गई। अब से सीबीआईसी के किसी भी पत्र-व्यवहार में दस्तावेज पहचान संख्या का उल्लेख करना आवश्यक होगा।
- डिन संख्या का उपयोग किसी भी जांच के दौरान तलाशी हेतु जारी अधिकार पत्र, सम्मन, गिरफ्रतारी ज्ञापन, निरीक्षण नोटिस तथा किसी अन्य पत्र में किया जाएगा।
- अप्रत्यक्ष कर प्रशासन में डिन संख्या के अनिवार्य हो जाने के बाद अब जीएसटी, कस्टम अथवा केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग से कोई भी संचार ‘कंप्यूटर जनित डिन संख्या के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)
- 1 राष्ट्रीय जलमार्ग-2 पर पहला कंटेनर कार्गाे आवागमन
- 2 आवासीय परियोजनाओं हेतु वैकल्पिक निवेश कोष
- 3 एनबीएफसी के लिए तरलता मानदंड
- 4 वित्तीय फर्मों को आईबीसी के तहत लाने से संबंधित नियम
- 5 निर्यात प्रोत्साहन हेतु खादी को मिला नया एचएस कोड
- 6 आर्थिक वृद्धि में गिरावट जारी
- 7 लद्दाख में वाहन पंजीयन हेतु एलए टैग
- 8 विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम
- 9 औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक, 2019

