एनबीएफसी के लिए तरलता मानदंड
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय फर्मों के ‘परिसंपत्ति-देयता प्रबंधन’ (Asset-Liability Management) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन फर्मों के तरलता प्रबंधन ढांचे (liquidity management framework) को सख्त कर दिया।
- उल्लेखनीय है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFC) द्वारा पिछले 1 वर्ष में व्यापक तरलता संकट (liquidity crisis) का सामना किया गया है।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 4 नवंबर, 2019 को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (NBFC) के लिए ‘तरलता कवरेज अनुपात’ (Liquidity Coverage Ratio - LCR) के मानदंड 1 दिसंबर, 2020 से प्रभावी होंगे।
- आरबीआई के अनुसार 10,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक की संपत्ति ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)
- 1 राष्ट्रीय जलमार्ग-2 पर पहला कंटेनर कार्गाे आवागमन
- 2 आवासीय परियोजनाओं हेतु वैकल्पिक निवेश कोष
- 3 वित्तीय फर्मों को आईबीसी के तहत लाने से संबंधित नियम
- 4 दस्तावेज पहचान संख्याः डिन
- 5 निर्यात प्रोत्साहन हेतु खादी को मिला नया एचएस कोड
- 6 आर्थिक वृद्धि में गिरावट जारी
- 7 लद्दाख में वाहन पंजीयन हेतु एलए टैग
- 8 विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम
- 9 औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक, 2019

