एनबीएफसी के लिए तरलता मानदंड
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय फर्मों के ‘परिसंपत्ति-देयता प्रबंधन’ (Asset-Liability Management) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन फर्मों के तरलता प्रबंधन ढांचे (liquidity management framework) को सख्त कर दिया।
- उल्लेखनीय है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFC) द्वारा पिछले 1 वर्ष में व्यापक तरलता संकट (liquidity crisis) का सामना किया गया है।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 4 नवंबर, 2019 को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (NBFC) के लिए ‘तरलता कवरेज अनुपात’ (Liquidity Coverage Ratio - LCR) के मानदंड 1 दिसंबर, 2020 से प्रभावी होंगे।
- आरबीआई के अनुसार 10,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक की संपत्ति ....
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