महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद
- हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि बेलगावी, करवार और निपानी को महाराष्ट्र में शामिल किया जाना चाहिए।
- इस बयान की कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा द्वारा निंदा की गई थी, उन्होंने कहा कि पवार की टिप्पणी ‘आग भड़काने’ का एक प्रयास है।
- उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2019 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बेलगावी (पूर्व में बेलगाम) जिले को ‘कर्नाटक के कब्जे वाला महाराष्ट्र’ (Karnataka occupied Maharashtra) कहा था।
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद
- वर्ष 1957 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के लागू होने से हताश महाराष्ट्र ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केमिकल पार्क भारत के विनिर्माण और धारणीयता अभियान को गति
- 2 इस्पात क्षेत्र का विकार्बनीकरण भारत के लिए आर्थिक आवश्यकता और पर्यावरणीय दायित्व
- 3 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रमुख अनुशंसाएं और उभरती चिंताएं
- 4 एथेनॉल सम्मिश्रण ऊर्जा आत्मनिर्भरता बनाम खाद्य आत्मनिर्भरता का द्वंद्व
- 5 प्रहार: सक्रिय आतंकवाद-रोधी रणनीति की नई दिशा
- 6 मासिक धर्म स्वास्थ्य अब मौलिक अधिकार : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और इसका सामाजिक प्रभाव
- 7 एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य के लिए भारत की रूपरेखा
- 8 ऊर्जा निर्भरता से आर्थिक परस्पर निर्भरता तक : भारत-अरब व्यापार संबंधों का पुनर्संरेखण
- 9 राष्ट्रीय सुरक्षा एवं लोक-व्यवस्था बनाम कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- 10 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 : भारत के चिप पारितंत्र को सुदृढ़ करने की पहल
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 भारत में राइट टू रिकॉल: प्रयास एवं व्यावहारिकता
- 2 लाभ का पद तथा इससे जुड़े संवैधानिक प्रावधान
- 3 टेलीविजन रेटिंग से संबंधित दिशानिर्देशों की समीक्षा
- 4 फेक न्यूज़ के खिलाफ नियामक तंत्र आवश्यक
- 5 धारणीय कृषि की आवश्यकता एवं संभावनाएं
- 6 जो बाइडेन की जीत का भारत-अमेरिका संबंधों पर प्रभाव
- 7 क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी एवं भारत
- 8 निवार चक्रवात तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की भूमिका
- 9 ओटीटी प्लेटफॉर्म का विनियमन एवं इसकी प्रासंगिकता

