कॉप 26 ग्लासगो घोषणा और भारत
‘ग्लासगो जलवायु समझौता’ (Glasgow Climate Pact) जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के संदर्भ में प्रगति के लिए ‘बिल्डिंग ब्लॉक’ (Building Block) प्रदान करता है। सम्मेलन में की गई प्रतिबद्धता निश्चित रूप से पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में जागरूकता तथा बढ़ती चिंताओं को प्रदर्शित करती है। हालांकि पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे वैज्ञानिकों तथा पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस सम्मेलन की उपलब्धियों को आवश्यकताओं की तुलना में कम महत्वाकांक्षी बताया है।
सतीश कुमार कर्ण
जलवायु परिवर्तन पर ‘संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के कॉफ्रेंस ऑफ द पार्टीज का 26वां सत्र’ (UNFCCC’s COP26) हाल ही में ग्लासगो में संपन्न हुआ। COP26 ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 'क्लाइमेट टिपिंग पॉइंट्स' पर बढ़ता विवाद
- 2 चिकित्सा आपात स्थितियों में 'प्रोटीन जैव-सेंसर' की भूमिका
- 3 फास्ट ट्रैक कोर्ट: क्या परीक्षा पेपर लीक जैसे अपराधों पर लगेगी प्रभावी रोक?
- 4 Gen Z आंदोलन: विरोध-प्रदर्शन का अधिकार और संवैधानिक सीमाएँ
- 5 अमेरिका–ईरान इस्लामाबाद समझौता: पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक शुरुआत
- 6 अल नीनो : भारत के लिए एक गंभीर विकासात्मक चुनौती क्यों?
- 7 भारत का अप्रत्याशित 'बेबी बस्ट': विश्व के लिए एक जनसांख्यिकीय चेतावनी
- 8 भारत में रोजगार योग्यता संकट: डिग्री और कौशल के बीच बढ़ती खाई
- 9 16वाँ वित्त आयोग: कर-वितरण, उपकर और संघीय संतुलन का प्रश्न
- 10 भारत में ध्वनि प्रदूषण : पर्यावरणीय न्याय की नई चुनौती
- 1 उभरती प्रौद्योगिकियां : नैतिक मुद्दे एवं दृष्टिकोण
- 2 न्यूनतम समर्थन मूल्य का वैधानीकरण मुद्दे तथा चुनौतियां
- 3 मानव विकास का मापन विभिन्न उपागम तथा उनकी सीमाएं
- 4 G20 सम्मेलन 2021 रोम घोषणा तथा भारत के लिए उपलब्धियां
- 5 सुदृढ़ सामाजिक अवसंरचना सशक्त अर्थव्यवस्था की नींव
- 6 भारत में व्यापक सामाजिक सुरक्षा नीति की आवश्यकता

