मानव विकास का मापन विभिन्न उपागम तथा उनकी सीमाएं
मानव प्रगति के मापन का एक लंबा इतिहास रहा है तथा यह समय के साथ अनेक चरणों से गुजरा है। परिवर्तित सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में मानव विकास के मापन की उपलब्ध विधियां वर्तमान समय में अधिक व्यावहारिक प्रतीत नहीं हो रही हैं। इन विधियों में व्याप्त कमियों को सामाजिक विद्वान समय-समय पर अपने शोध कार्यों के माध्यम से उजागर करते रहे हैं। सतत विकास के लक्ष्यों को मानव विकास की सही परिभाषा से जोड़ने के लिए यह आवश्यक है कि मानव विकास के मापन की ऐसी विधियों को विकसित किया जाए, जो वर्तमान समय की आवश्यकताओं ....
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