लक्षद्वीप का विशिष्ट पारिस्थितिक तंत्र एवं विकास की नई दिशा
इंद्रजीत भार्गव
द्वीपीय क्षेत्रें का विकास आरंभ से ही क्षेत्रीय विकास कार्यक्रमों का अभिन्न अंग रहा है। विकास की एक लंबी प्रक्रिया के दौरान यह महसूस किया गया है कि लक्षद्वीप में विकास योजनाओं को अनियमित रूप से लागू किए जाना यहां की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुरूप नहीं है। सीमित संसाधनों तथा अवसरों का लाभ उठाते हुए मत्स्य पालन, नारियल एवं पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देकर यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
लक्षद्वीप में विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जारी किए गए नवीनतम लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विनियमन मसौदा, 2021 के प्रति स्थानीय निवासियों ....
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