भारत और ब्रिटेन के मध्य एफटीए वार्ता
28 जनवरी, 2022 को भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) के लिए पहले दौर की वार्ता संपन्न की गई। यह वार्ता वर्चुअल तरीके से लगभग दो सप्ताह से अधिक समय तक चली।
मुख्य बिन्दु
पहले दौर की वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के तकनीकी विशेषज्ञ 32 अलग-अलग सत्रों में चर्चा के लिए एक साथ आए।
- पहले दौर की वार्ता में 26 नीतिगत क्षेत्रों को ‘कवर’ किया गया, जिनमें वस्तुओं एवं सेवाओं का व्यापार, निवेश, बौद्धिक संपदा, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुविधा, भौगोलिक संकेतक आदि शामिल हैं।
- दोनों पक्षों के लिए वार्ता काफी उपयोगी रही और ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 UNHRC की रिपोर्ट: गाजा में नरसंहार के आरोप
- 2 UNCLOS के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में पारगमन अधिकार
- 3 भारत–जापान 16वाँ वार्षिक शिखर सम्मेलन
- 4 अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता बरकरार: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के आदेश को किया रद्द
- 5 अमेरिका के नए वीज़ा नियम: भारतीय छात्रों और पेशेवरों पर असर
- 6 चाबहार बंदरगाह संकट: भारत की सामरिक कनेक्टिविटी पर बढ़ता दबाव
- 7 भारत-न्यूजीलैंड संबंध: रणनीतिक साझेदारी की नई शुरुआत
- 8 अमेरिका-ईरान संघर्ष का दूसरा चरण: होरमुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की जंग
- 9 हॉर्मुज जलडमरूमध्य: शुल्क योजना से पीछे हटा अमेरिका
- 10 अमेरिका–सऊदी परमाणु समझौता: ऊर्जा सहयोग या परमाणु प्रसार का खतरा?
- 1 भारत-इजराइल राजनयिक संबंध के 30 वर्ष
- 2 कजाकिस्तान में विरोधा-प्रदर्शन एवं सीएसटीओ
- 3 टोंगा में ज्वालामुखी विस्फ़ोट
- 4 दावोस एजेंडा 2022
- 5 ईरान-सऊदी अरब संबंध
- 6 त्रिंकोमाली तेल टैंक फ़ार्म: भारत एवं श्रीलंका
- 7 एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक
- 8 विश्व व्यापार संगठन
- 9 क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी का प्रभावी होना

