ईरान-सऊदी अरब संबंध
हाल ही में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) में ईरान का प्रतिनिधित्व करने के लिए तीन ईरानी राजनयिक सऊदी अरब पहुंचे। वर्ष 2016 के बाद सऊदी अरब पहली बार ईरानी राजनयिकों की मेजबानी कर रहा है।
मुख्य बिन्दु
यह घटनाक्रम दोनों देशों के मध्य संबंधों में सुधार को दर्शाता है। ईरान लंबे समय से रियाद में अपना दूतावास फिर से खोलने के प्रयास में है।
- हाल के समय में, दोनों देशों के मध्य संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। कुछ समय पूर्व, ईरान और सऊदी अरब के बीच वार्ता का आयोजन इराक में किया गया था।
- 2016 ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र के नियम और समुद्री कानून
- 2 ओपेक से बाहर हुआ यूएई: ऊर्जा भू-राजनीति के बदलते समीकरण
- 3 सिंधु जल संधि विवाद: सुरक्षा, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय जल कानून की नई चुनौतियाँ
- 4 भारत–नीदरलैंड सांस्कृतिक पुनर्स्थापन
- 5 भारत-नॉर्वे संबंध : ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 6 भारत-इटली स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 7 रूस–चीन रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव
- 8 भारत-साइप्रस रणनीतिक साझेदारी
- 9 अमेरिकी ग्रीन कार्ड नीति परिवर्तन: भारत–अमेरिका संबंधों पर प्रभाव
- 10 भारत ने श्रीलंका में OCI कार्ड पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाया
- 1 भारत और ब्रिटेन के मध्य एफटीए वार्ता
- 2 भारत-इजराइल राजनयिक संबंध के 30 वर्ष
- 3 कजाकिस्तान में विरोधा-प्रदर्शन एवं सीएसटीओ
- 4 टोंगा में ज्वालामुखी विस्फ़ोट
- 5 दावोस एजेंडा 2022
- 6 त्रिंकोमाली तेल टैंक फ़ार्म: भारत एवं श्रीलंका
- 7 एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक
- 8 विश्व व्यापार संगठन
- 9 क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी का प्रभावी होना

