भारत का जलवायु जोखिम एवं भेद्यता एटलस
14 जनवरी, 2022 को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिकों ने ‘भारत के जलवायु जोखिम और भेद्यता एटलस’ (Climate Hazards and Vulnerability Atlas of India) को जारी किया। इस एटलस को चरम जलवायु परिघटनाओं की स्थानीय आबादी पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर तैयार किया गया है।
मुख्य बिंदु
वैज्ञानिकों ने यह एटलस अत्यधिक वर्षा, सूखा, शीत लहर, हीटवेव, धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि, गरज, चक्रवात, बर्फबारी, बिजली, हवाएं और कोहरा सहित 14 चरम जलवायु परिघटनाओं के आधार पर तैयार किया है।
- इसमें प्रत्येक जिले की अर्थव्यवस्था पर इन चरम जलवायु परिघटनाओं द्वारा होने वाले जोखिमों को भी शामिल ....
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