भारत में चीता लाने के लिए कार्य योजना
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी (NTCA) की 19वीं बैठक में देश में चीता लाने के कार्यक्रम की घोषणा की। कोविड-19 संक्रमण के मामलों के कम होने और स्थितियां अनुकूल होते ही चीतों को अविलंब भारत लाए जाने की योजना है।
मुख्य बिंदु
चीता को नवंबर 2021 में भारत लाने की योजना थी, 1952 में ही भारत से चीता (Cheetah) विलुप्त हो चुके हैं।
- चीतों को लाने और उनके पुनर्वास की कार्ययोजना सरकार द्वारा निर्मित कर ली गई है।
- अगले 5 साल में 50 चीते चरणबद्ध तरीके से देश के विभिन्न जंगलों में छोड़े ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा

